भारत में मुसलमानों की हालत दलितों जैसी, भारत के बाहर अमेरिका में राहुल गांधी ने लगाया यह आरोप

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बीरेंद्र कुमार झा

राहुल गांधी इस समय अमेरिका के दौरे पर हैं। जहां उन्होंने आज प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। विदेशी धरती पर राहुल गांधी का मुसलमानों को लेकर दिया गया ताजा बयान काफी सुर्खियों में है।भारतीय मुसलमानों को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि आज भारत में मुसलमानों के साथ जी ही रहा है,वैसा अस्सी के दसक में दलितों के साथ होता था। गौरतलब है कि मुसलमानों को लेकर जो बयान राहुल गांधी ने अमेरिका में दिया और जी काल उन्होंने बताया उस कालखंड में भारत सरकार में केंद्र की सरकार इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार थी।

मोहब्बत की दुकान में बोले राहुल गांधी

संयुक्त राज्य अमेरिका में सैन फ्रांसिस्को में ‘ मोहब्बत की दुकान’ कार्यक्रम में बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार के कुछ कार्यों का प्रभाव अल्पसंख्यकों और दलित तथा आदिवासी समुदाय के लोगों के द्वारा महसूस किया जा रहा है। इधर राहुल गांधी का समर्थन करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियंक खड़गे ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि क्या आपको नहीं लगता है कि दलित और आदिवासी अपने आपको इस देश में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति, पिछड़े और अल्पसंख्यक सभी देश में दूसरे दर्जे के नागरिक की तरह महसूस कर रहे हैं।

5 लोगों के पास लाखों करोड़ों रुपए,आर्थिक असमानता पर बोले राहुल गांधी

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने आर्थिक असमानता के बारे में भी बात की और कहा कि जहां कुछ लोगों का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है वहीं 5 लोगों के पास लाखों-करोड़ों रुपए हैं।कांग्रेस नेता ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान की गई जातिगत जनगणना, मनरेगा और कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित न्याय (न्यूनतम आय) योजना के बारे में बात की।

जातिगत जनगणना पर राहुल का बयान

राहुल गांधी ने कहा जब हम सत्ता में थे तब हमने जातिगत जनगणना कराई थी।विचार समाज का एक्स-रे करने का था, क्योंकि सटीक जनसांख्यिकी आंकड़े को समझे बिना सत्ता को प्रभावी ढंग से वितरित करना बहुत मुश्किल है। हम बीजेपी से जातिगत जनगणना के आंकड़े जारी करने के लिए कह रहे हैं और वे ऐसा नहीं कर रहे हैं। जब हम सत्ता में आएंगे तो हम ऐसा करेंगे।हम भारत को एक उचित जगह बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम गहराई से समझते हैं कि दलितों ,आदिवासियों और गरीब पिछड़ों के साथ व्यवहार के मामले में भारत आज एक उचित जगह नहीं है। और कई चीजें हैं जो की जा सकती है। न्याय योजना (न्यूनतम आय) हमने प्रस्तावित किया। मनरेगा, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल खर्च में वृद्धि, यह सभी चीजें की जा सकती हैं।

नरेंद्र मोदी सरकार पर राहुल का हमला

नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि वह मूल्यवृद्धि बेरोजगारी और समानता के मुद्दों पर चर्चा करना नहीं चाहते हैं।वे सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं।राहुल गांधी ने कहा कि देश के सभी वर्गों को यह महसूस करना चाहिए कि बातचीत की प्रक्रिया में निष्पक्षता हो।लेकिन यह सभी का ध्यान भटकाने वाले हैं। असली मुद्दा मूल्यवृद्धि, बेरोजगारी और समानता है। बीजेपी वास्तव में इन पर चर्चा नहीं कर सकती है,इसलिए उन्हें दूसरे मुद्दे तलाशने होते हैं।

राहुल गांधी को रोकना पड़ा बीच में अपना भाषण

राहुल ने सैन फ्रांसिस्को में भारतीय समुदाय से मुलाकात की और उन्हें संबोधित किया। संबोधन के दौरान कुछ लोगों ने नारेबाजी की जिस वजह से उन्हें अपना भाषण कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। दरअसल सैन फ्रांसिस्को में राहुल भारतीयों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान कुछ लोग नारे लगाने लगे। हालांकि उन्होंने क्या नारे लगाए यह भेजे गए वीडियो में स्पष्ट सुनाई नहीं दे रहा है लेकिन एक शख्स को ‘इंदिरा गांधी…’ कहते सुना जा सकता है। जब नारे लगे तो राहुल गांधी को अपना भाषण रोकना पड़ा। जवाब में पहले उन्होंने कहा, ‘वेलकम’। जब नारेबाजी तेज हुई तो राहुल गांधी ने कहा, ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान’। इसके बाद हॉल में ‘भारत जोड़ो’ के नारे लगे और राहुल गांधी ने दोबारा बोलना शुरू किया

 

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