संसद में बिना बारी बोलना चाहते हैं राहुल गांधी, आरोप पर बीजेपी सांसद का तंज

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संसद सत्र के पहले दिन विपक्षी दलों के सदस्यों ने पहलगाम आतंकी हमले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता संबंधी दावों और बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) समेत अन्य विषयों पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा किया।इस बीच एक बार फिर से राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में बोलने का मौका नहीं दिया जाता है। राहुल गांधी के आरोप पर बीजेपी सांसद ने करारा जवाब दिया है।

राहुल गांधी के इस दावे पर कि उन्हें लोकसभा में बोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है, राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि वह कभी-कभार ही सदन में आते हैं और फिर बिना बारी के बोलना चाहते हैं। लेकिन जब बोलने का समय होता है, तो वह सदन में नहीं आते।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के इस दावे पर कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया गया, बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा कि यह पूरी तरह से निराधार है। मैं भी सदन में बैठी थी।सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।रक्षा मंत्री ने कहा है कि सरकार ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए तैयार है, फिर भी समस्या क्या है? जब एक व्यवस्थित चर्चा शुरू होगी, तो विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी बोलने का मौका दिया जाएगा। यह उनके लिए प्रासंगिक बने रहने का मामला है।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि राहुल गांधी परेशान हैं क्योंकि उन्हें वह विशेषाधिकार नहीं मिल रहा है जिसके वे एक विशेष परिवार का हिस्सा होने के नाते आदी हैं।

कांग्रेस के सदस्य आसन से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने की अनुमति देने की अनुमति मांग रहे थे।इस दौरान, पीठासीन सभापति पाल ने राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि जिन भी विषयों पर चर्चा की सहमति बनेगी, सरकार उसके लिए तैयार है और विपक्ष को बोलने का मौका दिया जाएगा।

मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू कराया, विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे।उन्होंने पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर को रोकने, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता संबंधी दावों और बिहार में एसआईआर जैसे मुद्दों को उठाने की कोशिश की। उन्होंने आसन के निकट पहुंचकर नारेबाजी की।बिरला ने विपक्षी सदस्यों से चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि उन्हें नारेबाजी करनी है तो वे सदन से बाहर चले जाएं क्योंकि सदन के भीतर ऐसा करना उचित नहीं है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं सभी सदस्यों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि वे रक्षा संबंधी जिस भी विषय पर चर्चा चाहते हैं, जितनी लंबी चर्चा चाहते हैं, लोकसभा अध्यक्ष जो भी निर्णय लेंगे, हम उसके तहत ऐसी किसी भी चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार हैं । संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने भी कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में बीएसी (कार्य मंत्रणा समिति) की बैठक होगी और विपक्षी सदस्य जिस विषय पर चर्चा चाहते हैं, उसे बैठक में उठाएं और जिन भी मुद्दों पर चर्चा तय होगी, सरकार उन पर पूरी तरह चर्चा कराने को तैयार है।

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