कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को ‘सत्याग्रह’ नामक एक नए मंच की शुरुआत की है। जिसका उद्देश्य देशभर में अपने अधिकारों और न्याय के लिए संघर्ष कर रहे लोगों की आवाज को एक साझा मंच पर लाना है।
राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर यह शुरुआत की और इससे जुड़ी वेबसाइट का लिंक भी साझा किया।उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि जेन जी, छात्र, किसान, आदिवासी, दलित, महिलाएं, हर संघर्ष की अपनी कहानी है।पर जो आवाज अकेली उठती है, वो अक्सर दब जाती है।
उन्होंने कहा कि देशभर में लोग अन्याय के खिलाफ़ आवाज़ उठा रहे हैं।नेता प्रतिपक्ष के तौर पर आपकी लड़ाई, मेरी लड़ाई है।अब नए सत्याग्रह का समय है।आप किन मुद्दों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, मुझे बताइए,मैं आपकी बात सुन रहा हूं।
राहुल गांधी ने कहा कि पूरे देश में सच को दबाया जा रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में कई विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कहीं जमीन के लिए, कहीं महिलाओं के अधिकारों के लिए, कहीं दलितों और OBC के अधिकारों के लिए, तो कहीं शिक्षा और परीक्षाओं को लेकर हम इन सभी आंदोलनों को संगठित करने, उन्हें एक मंच पर साथ लाने और आपके साथ मिलकर यह देखना चाहते हैं कि जिस लड़ाई के लिए आप खड़े हैं, उसे हल करने में हम आपकी कैसे मदद कर सकते हैं।
राहुल गांधी का कहना है कि ‘सत्याग्रह’ इन्हीं आवाजों को एक मंच पर साथ लाने की पहल है।राहुल गांधी ने लोगों से अपील की कि यदि वे किसी अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं, तो अपनी कहानी इस मंच पर साझा करें।उन्होंने कहा कि आप देखेंगे कि आपकी तरह और कौन-कौन लड़ रहा है। मैं जो कर सकता हूं, करूंगा – संसद में, सड़क पर, खत लिखकर, जहां भी मेरी जरूरत हो वहां आपके साथ खड़े होकर – नेता विपक्ष के रूप में ये मेरी ज़िम्मेदारी है।
उनका कहना है कि इस मंच के जरिए लोग अपनी पहचान, अपने मुद्दे और उनके अधिकारों के रास्ते में खड़ी चुनौतियों की जानकारी साझा कर सकते हैं।

