Homeदेशराहुल गांधी ने अपनी बदनामी करवाई,एपस्टीन फाइल्स आरोप पर हरदीप पुरी का...

राहुल गांधी ने अपनी बदनामी करवाई,एपस्टीन फाइल्स आरोप पर हरदीप पुरी का वार

Published on

एपस्टीन फाइलों के विवाद पर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने मीडिया से बातचीत के क्रम में पूछे गए एक प्रश्न के जबाव में कहा कि राहुल गांधी खुद की बदनामी कर रहे हैं।इस इंटरव्यू में हरदीप पुरी ने एप्सटीन से हुई अपनी मुलाकातों को असहज बताया।हरदीप पुरी ने कहा कि एपस्टीन के साथ मीटिंग की मांग मैंने नहीं की थी बल्कि वह तय की गई थी।इस दौरान वो बोले कि, “दो मीटिंग किसी के साथ होने से कोई गलती नहीं होती।तब मैं सरकार का हिस्सा भी नहीं था।राहुल गांधी की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि वे राई का पहाड़ बना रहे हैं।

इस दौरान हरदीप पुरी ने राहुल गांधी के खिलाफ सदन में प्रीवलेज मोशन यानी विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव के बारे में भी बात की।उनका कहना था कि राहुल गांधी ने सदन को गुमराह किया और बिना आधार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

हरदीप पुरी ने राहुल गांधी पर यह आरोप भी लगाया कि वे खुद पढ़ते नहीं हैं।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को बेहतर सलाहकारों की जरूरत है। अगर वे खुद पढ़े होते तो शायद खुद को पूरी तरह से बेवकूफ साबित करने से बचाने के लिए उपाय किए होते।

राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में दिए अपने भाषण के दौरान कहा था कि हरदीप पुरी और अनिल अंबानी का नाम अमेरिकी न्याय विभाग की जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइलों में मौजूद हैं।राहुल गांधी ने यह तर्क दिया कि हरदीप पुरी का नाम इस फाइल में होने के कारण ही प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका के साथ ट्रेड डील के लिए मजबूर होना पड़ा।

हरदीप पुरी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें यह पता होना चाहिए कि एपस्टीन फाइल्स गलत कामों और आपराधिक मामलों से संबंधित हैं।गौरतलब है कि फाइल्स में आरोप हैं कि एपस्टीन के पास एक द्वीप था, जहां वे अनैतिक काम करते थे। उन पीड़ितों ने अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज कराए हैं। मेरी बातचीत का इससे कोई लेना-देना नहीं था।

हरदीप पुरी ने कहा कि उन्होंने 2009 में संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला था।तब आठ साल तक न्यूयॉर्क में रहा। 2017 में मंत्री बना।न्यूयॉर्क में रहने के आठ वर्षों के दौरान शायद तीन या चार बार की मुलाकातों का जिक्र है।

उन्होंने कहा कि मैंने राहुल गांधी को बताने का फैसला किया और उन्हें लिखे पत्र में मैंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत के पद से सेवानिवृत्त होने के कुछ महीनों बाद, मुझे अंतरराष्ट्रीय शांति संस्थान (आईपीआई) में शामिल होने का निमंत्रण मिला।मैं सीधे तौर पर आईपीआई का हिस्सा नहीं था।आईपीआई या आईसीएम के प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में, मैं एपस्टीन से कुछ मौकों पर मिला। आईसीएम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से निपटता था, और एपस्टीन इसका हिस्सा नहीं थे।

एपस्टीन फाइल्स वो दस्तावेज हैं जो एफबीआई और अमेरिकी न्याय विभाग के पास एपस्टीन की जांच के दौरान इकट्ठा हुए थे। 2008 में फ्लोरिडा में नाबालिग से यौन शोषण के मामले में एपस्टीन को सजा हुई थी। 2019 में उस पर नाबालिग लड़कियों की तस्करी का आरोप लगा, लेकिन ट्रायल से पहले ही उसकी मौत हो गई। इन जांचों के दौरान 300जीबी से अधिक डेटा, इंटरव्यू ट्रांसक्रिप्ट, फोटो, वीडियो और डिजिटल सबूत जमा किए गए। कानून के तहत, पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाली सामग्री सार्वजनिक नहीं की जा सकती।

Latest articles

खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी? किसान संघ के नेताओं से की अचानक मुलाकात

भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा...

Microsoft Windows और Office में पाई गईं खामियां, हैक हो सकता है आपका सिस्टम

अगर आप माइक्रोसॉफ्ट के Windows और Office सॉफ्टवेयर को यूज करते हैं तो आपको...

पुरानी इमारतें गुलामी की प्रतीक’, सेवा तीर्थ से पीएम मोदी की पहली स्पीच

प्रधानमंत्री मोदी सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1 और 2 के उद्घाटन कार्यक्रम में...

फैटी लिवर को न समझें मामूली, सिरोसिस से लेकर कैंसर तक का है खतरा;

डॉक्टरों ने एक बुज़ुर्ग मरीज में लिवर कैंसर का सफल इलाज कर एक अहम...

More like this

खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी? किसान संघ के नेताओं से की अचानक मुलाकात

भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा...

Microsoft Windows और Office में पाई गईं खामियां, हैक हो सकता है आपका सिस्टम

अगर आप माइक्रोसॉफ्ट के Windows और Office सॉफ्टवेयर को यूज करते हैं तो आपको...

पुरानी इमारतें गुलामी की प्रतीक’, सेवा तीर्थ से पीएम मोदी की पहली स्पीच

प्रधानमंत्री मोदी सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1 और 2 के उद्घाटन कार्यक्रम में...