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राम की प्राण प्रतिष्ठा से पहले पीएम मोदी ने राम मंदिर पर जारी किया डाक टिकट

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर पर स्मारक डाक टिकट जारी किया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने दुनिया भर में भगवान राम पर जारी टिकटों की एक पुस्तक भी जारी की 48 पेज की इस पुस्तक में 20 देश के टिकट हैं। पीएम मोदी ने कुल 6 डाक टिकट जारी किए हैं।इनमें राम मंदिर, भगवान गणेश,हनुमान ,जटायु,केवट राज और मां साबरी शामिल शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन देशों के टिकटों को शामिल किया है उनमें नेपाल जैसे कभी हिंदू राष्ट्र रहे देश शामिल है तो वहीं इंडोनेशिय जैसे मुस्लिम राष्ट्र भी शामिल है।

भारत के अलावा दुनिया के लगभग दो दर्जन देशों में भगवान राम हैं मौजूद

भारत में तो इस समय पूरा देश 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले रामललाकी प्राण प्रतिष्ठा को लेकर राममय हो ही  गया है। दुनिया के लगभग दो दर्जन से भी कुछ ज्यादा ही देश में भगवान राम किसी ने किसी रूप में मौजूद हैं। भारत के अलावा जिन देशों में राम के कृतित्व के होने की चर्चा है, उसमें नेपाल जैसे कभी हिंदू राष्ट्र रहे देश तो शामिल हैं ही, इंडोनेशिया जैसे मुस्लिम राष्ट्र भी शामिल है।बौद्ध राष्ट्र श्रीलंका में तो राम से जुड़े हुए अशोक वाटिका और रावण वध का विवरण मिलता ही है, अमेरिका जैसे धर्म निरपेक्ष देशों में भी अहिरावण की पातालपुरी का जिक्र मिलता है।पातालपुरी के बारे में कह कहा जाता है कि अहिरावण ने राम और लक्ष्मण को अमेरिका के जंगल स्थित अपने राज्य में लाया था और वहां उसकी बलि देना चाह रहा था जबकि हनुमान ने जाकर अहिरावण का वध कर प्रभु श्री राम और लक्ष्मण को सब फसल वापस लाया था।अमेरिका में अभी भी होंडरासु नमक जंगल है,जहां के लोग मंकी गॉड की पुजा करते हैं।इटली के एक्ट्रेस कैन सभ्यता में भी रामायण की छाप मिलती है। यहां चित्रों में राम लक्ष्मण सीता जी का वन गमन, सीता हरण ,लव कुश का घोड़ा पकड़ना और हनुमान जी का संजीवनी लाना जैसी चित्र मिलती है।इस्लामिक राष्ट्र कंबोडिया में भी राम से जुड़े कई स्थल हैं।वर्तमान में कंबोडिया के खमेरू राज्य में राम लक्ष्मण और हनुमान जी की मूर्तियां जीर्णशीर्ण अवस्था में मिली है।बौद्ध धर्मावलंबी थाईलैंड में अयोध्या पर आक्रमण करके उसे ध्वस्त करने को लेकर प्रतीदिन रामलीला का आयोजन होता है। साथ ही और तालपत्र पर भी रामायण मिलने की बात सामने आती है।नेपाल के जनकपुर में जानकी मंदिर अभी भी मौजूद है, जो श्री राम की प्राणवल्लभा थी। इसके अलावा इजरायल, ईरान, इराक सीरिया,लेबनान तथा मिस्र जैसे देशों में भी राम से जुड़े नाम या दूसरे शब्द मिलते हैं, जो राम के कभी उसे क्षेत्र में कृतित्व होने की बात बताते हैं।

अयोध्या में इस समय बढ़ी है धार्मिक पुस्तकों की मांग

अयोध्या में इस समय रामलला के दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमर रही है। खासकर 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह में बड़ी संख्या में लोगों को आमंत्रित किया गया है। इसलिए लेकर अयोध्या में इस समय धार्मिक पुस्तकों की मांग काफी बढ़ गई है। हालांकि गीता प्रेस धार्मिक पुस्तकों की बड़ी इस मांग को पूरा करने के लिए जोर-जोर से धार्मिक किताबों को छापने में लगा हुआ है।

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