न्यूज़ डेस्क
आज पीएम बुंदेलखंड में जिस संत रविदास का विशाल और भव्य मंदिर का भूमि पूजन करने वाले हैं उसका कनेक्शन मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से भी है। इस साल मध्यप्रदेश में विधान सभा के चुनाव होने हैं। हालांकि अभी प्रदेश में बीजेपी की सरकार है लेकिन कांग्रेस के टक्कर से बीजेपी की मुश्किलें बढ़ी हुई है। वैसे प्रधानमंत्री मोदी लगातरा मध्यप्रदेश का दौरा कर रहे हैं। आज का उनका पांचवां दौरा है। यह दौरा बुंदेलखंड में है। पीएम मोदी के इस दौरे को 54 सीटों को साधने के लिए डिजायन किया गया है। इनमें 35 सीटें अनुसूचित जाति के लिए हैं। बाकी 19 सीटें जनरल हैं, लेकिन इन सीटों पर दलित वोटर की भूमिका निर्णायक है। पिछले 6 विधानसभा चुनावों पर नजर दौड़ाएं तो एससी सीटों पर भाजपा की मजबूत पकड़ दिखती है, लेकिन जैसे ही 2018 में दलित वोटरों का झुकाव कांग्रेस की तरफ हुआ, भाजपा सत्ता से बाहर हो गई।
लगभग पिछले दो दशक से ज्यादा समय से मध्यप्रदेश में बीजेपी का शासन रहा है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि बीजेपी को हर तबके ने यहां वोट किया है लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव में दलित वोटरों का रुझान बदल गया तो इसका सीधा फायदा कांग्रेस को मिला जिससे बीजेपी सता से बाहर हो गयी फिर बाद में कांग्रेस में हुई अंतर्कलह के कारण विधायकों ने पाला बदला और फिर शिवराज सीएम बन गए।
प्रदेश में करीब 16 प्रतिशत दलित वोटर हैं। पिछली बार इन रिजर्व एससी सीटों में कांग्रेस-बीजेपी में कांटे की टक्कर देखने मिली थी। बीजेपी को 18 एससी सीटों पर सफलता मिली थी। कांग्रेस ने 17 सीटों पर जीत हासिल की थी। 2013 के चुनाव की तुलना करें तो कांग्रेस के हाथ पहले से 13 सीटें ज्यादा आई थीं। इसका फायदा उन्हें खूब हुआ। जबकि भाजपा को 10 सीटों का नुकसान हुआ था। इसी वजह से 2018 में कांग्रेस की सरकार बन गई। अब पीएम इस दौरा के जरिए दलित वोटरों को साधने की कोशिश करेंगे।
मध्य प्रदेश में, दलित वोट राज्य के कुल मतदाताओं का लगभग 16% हैं। इसके अवाला 84 सीटों पर लगभग 85 लाख वोटर हैं। खासकर बुन्देलखण्ड में दलित समाज की आबादी 23-25% है। बता दें कि 2013 के मध्य प्रदेश चुनाव में, भाजपा ने शानदार बहुमत हासिल किया था। जिसमें दलित सीटों की भी अहम भूमिका थी। एक तरह से इस इलाके में बीजेपी ने कांग्रेस का सफाया कर दिया था। पार्टी को 35 में से 28 सीटें मिली थी।

