त्रिपुरा में पार्टियों के दावे और प्रतिदावे के बीच विधान सभा चुनाव सम्पन्न

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  • बीरेंद्र कुमार

त्रिपुरा में 60 सीटों वाली विधानसभा चुनाव की के लिए मतदान की प्रक्रिया आज समाप्त हो गई।l साथ ही बीजेपी कॉन्ग्रेस, वाममोर्चा और वाममोर्चा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों की चुनावी दावे और प्रति दावे ईवीएम मैं दर्ज हो गई है। अब वहां 2 मार्च को मतों की गिनती के साथ ही पता चलेगा कि कौन सी पार्टी लोगों की सिरमौर बनकर सत्ता के सिंहासन पर पहुंचने में सफल होती है और कौन सी पार्टी मतदाताओं द्वारा नकारे जाने के बाद सत्ता के गलियारे से बाहर ही भटकने को मजबूर हो जाएंगे। आज त्रिपुरा विधानसभा चुनाव मैं लोगों ने बंपर मतदान किया। मतदान के निर्धारित समय 4:00 बजे की समाप्ति तक राज्य में 81% मतदान हुआ जबकि इसके बाद भी कई बूथों पर लोगों की भीड़ मतदान करने का इंतजार करते हुए पाई गई। इस चुनाव में राजनीतिक दल और स्वतंत्र उम्मीदवार समेत कुल 259 उम्मीदवार चुनाव में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। इसमें 20 महिलाएं भी हैं। राजनीतिक दलों की बात की जाए तो इस चुनाव में वर्तमान सत्ताधारी बीजेपी आईपीएफटी के साथ गठबंधन बनाकर चुनाव मैदान में हैं ,जबकि इसके विपरीत सीपीएम और कांग्रेस दोनों गंठबंधन बनाकर चुनाव लड़ रही हैं ।इसके अलावा इस बार टिपरा मोथा नामक एक नई पार्टी भी चुनाव में अपना दमखम दिखाने मैं जुटी हुई है। गांव की समाप्ति के विभिन्न राजनीतिक दल अपने अपने जीत के अलग-अलग तरह से दावे कर रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी का दावा

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साह मतदान के बाद काफी आश्वस्त नजर आए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत प्राप्त करेगी। हमें कहां इस बार भारतीय जनता पार्टी पिछले चुनाव में प्राप्त सीटों से भी ज्यादा सीटें हैं जीतेंगे। राज्य में हुआ बंपर मतदान इस बात की गवाही दे रहा है।
कांग्रेस वाम दलों के दावे

25 वर्षों तक लगातार त्रिपुरा में शासन करने के बाद 2018 ईस्वी में सत्ता से बेदखल हुए वाममोर्चा भी इस बार हुए मतदान को लेकर काफी उत्साहित है। उसका मानना है कि इस बार यहां बीजेपी की किसी भी हालत में नहीं चलने वाली क्योंकि एक तो जनता बी जे पी – आईपीएफटी गंठबंधन के कुशासन से त्रस्त है,वहीं दूसरी तरफ इस बार वाममोर्चा के साथ कांग्रेस के गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ने से बीजेपी विरोधी मतों का ध्रुवीकरण का लाभ हमें मिलेगा।साथ ही हमारे परंपरागत वोटर का साथ भी हमें मिलेगा। और हम आसानी से चुनाव जीतकर सत्ता में आ जाएंगे।

तृणमूल कांग्रेस की उम्मीद

नवंबर 2021 ईस्वी में अगरतला म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के चुनाव में अच्छी सफलता प्राप्त करने के कारण तृणमूल कांग्रेस को भी इस चुनाव से विशेष उम्मीद है तृणमूल कांग्रेस का मानना है कि यह चुनाव उसके लिए बड़ा लकी साबित होगा क्योंकि वह अगर इस चुनाव में 6% वोट प्राप्त करने में सफल हो जाती है तो वह भी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त कर सकती है राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त करने का लाभ उसे 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्ष के पीएम चेहरा बनने में मददगार साबित होगा।

टिपरा मोथा का दावा

टिपरा मोथा प्रमुख प्रद्युत विक्रम मानिक देववर्मन ने कहां की इस विधानसभा चुनाव से उसे बड़ी उम्मीदें हैं, क्योंकि इस चुनाव में इन्हें बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान मिलने वाला है।उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में टिपरा मोथा के उम्मीदवार 31 सीटों पर चुनाव जीतकर सरकार निर्माण में एक बड़ी भूमिका निभाएंगे। इनके अनुसार त्रिपुरा में इस बार त्रिशंकु सरकार बनने की स्थिति आएगी,जिसका लाभ टिपरा मोथा उठाएगी। इनकी उम्मीद तो त्रिशंकु सरकार बनने की स्थिति में खुद के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल करने की है, ताकि टिपरा लैंड को अलग राज्य बनाया जा सकें।

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