पाकिस्तान में सियासी घमासान ,अब इमरान बनेगे पीएम !

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न्यूज़ डेस्क
जब राजनीति बदरंग होती है तो उसके अंजाम भी कुछ अलग ही होते हैं। अंजाम भी ऐसा जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। पाकिस्तान में पूर्व पीएम इमरान खान जेल में बंद है। उनकी पार्टी को बड़ी जीत तो मिली है लेकिन बहुमत नहीं है। उधर नवाज शरीफ की पार्टी भी जीत तो हासिल की है लेकिन उसे भू बहुमत नहीं है लेकिन वह कई और दलों के साथ मिलकर गठबंधन की सरकार बनाने की तैयारी में जुटी है।

इधर पाकिस्तान की सेना का अपना खेल है जो वह वर्षों से खेलती रही है। उसके सहयोग के बिना पाकिस्तान में कोई भी पार्टी सरकार नहीं बना सकती। ऐसे में अब खबर मिल रही है कि जो इमरान खान सेना के साथ लड़ने -भिड़ने का काम करते थे और सेना  उनकी अदावत चलती थी अब सेना के साथ मिलकर कोई नया खेल करने को तैयार है। खबर के मुताबिक अब सेना भी इमरान को ही पीएम देखना चाहती है।                

कुछ दिन पहले तक ये बातें चल रही थीं कि  पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता बिलावल भुट्टो ने नवाज शरीफ की पार्टी PML-N को समर्थन दे दिया है, ऐसे में अब PML-N से प्रधानमंत्री का बनना तय है, लेकिन अब पाकिस्तान की इस उलझी हुई सियासत में एक नया ट्विस्ट आ गया है। वो ये कि अब विपक्ष में बैठने का मन बना चुके इमरान खान के सत्ता की कुर्सी पर पहुंचने की खबरों ने सियासत के गलियारों को गर्मा दिया है।

पाकिस्तान की गड़बड़ाई सियासत को लेकर जमीयत उलेमा ए-इस्लाम -एफ  पार्टी के एक नेता अमीर फजल उल रहमान ने इस बात का दावा किया है कि इमरान खान  भले ही जेल में कैद हैं, लेकिन वो हर एक तिगड़म लगा रहे हैं, जिससे वो पाकिस्तान के वज़ीरे-ए-आज़म बन सकें और इसके लिए उन्होंने पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी ISI से भी जोड़-तोड़ करने में परहेज़ नहीं किया। उनका कहना है कि इमरान इस हद तक इसलिए पहुंचे हैं, क्योंकि पाकिस्तान में PML-N के नवाज शरीफ़ या शाहबाज़ शरीफ़ के प्रधानमंत्री बनने की गुंजाइश लगभग खत्म सी हो रही है।

दरअसल पाकिस्तान के चुनाव के नतीजों ने किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं दिया है। बहुमत तो छोड़िए, ये पार्टियां बहुमत के आसपास भी नहीं दिखाई दे रही हैं। ऐसे में अब मुख्य पार्टियां इमरान खान  की PTI, नवाज शरीफ की PML-N और बिलावल भुट्टो की PPP अब जोड़तोड़ और गठबंधन की सिय़ासत खेल रही हैं और सत्ता बनाने की मशक्कत में लगी हैं। बिलावल भुट्टो के PML-N को समर्थन देने के बाद पार्टी के अध्यक्ष शाहबाज़ शरीफ ने प्रेस-कांफ्रेंस कर ये भी बता दिया था कि उनका पार्टी से ही अब देश को नया प्रधानमंत्री मिलेगा। वो शख्स नवाज़ शरीफ़ भी हो सकते हैं या उनके भाई और वर्तमान में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ भी। 

लेकिन PPP और PML-N के एक साथ आने के बावजूद वो बहुमत को छू भी नहीं पा रहे हैं, ऐसे में उन्हें पाकिस्तान के दूसरे सियासी दलों और निर्दलियों का भी साथ लेना पड़ रहा है, जो कि सबसे मुश्किल साबित होता जा रहा है। क्योंकि सभी निर्दलीयों और छोटी पार्टियों के नेताओं को साथा लाना और उनका समर्थन लेना पार्टी के लिए काफी मुश्किल होता जा रहा है। अभी तक PML-N को उतने साथी नहीं मिले हैं, जितने की सरकार बनाने के लिए चाहिए।

10 फरवरी को आए पाकिस्तान के चुनाव नतीजों ने हर किसी को हैरान कर दिया, क्योंकि इन नतीजों में किसी को भी बहुमत नहीं मिला। पाकिस्तान में 266 सीटों पर मतदान हुआ था। जबकि यहां की नेशनल एसेंबली में 366 सीटें हैं, बाकी 70 सीटें आरक्षित हैं। इनमें से 10 सीटें गैर मुस्लिमों के लिए हैं और बाकी 60 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

इस चुनाव में इमरान खान की PTI ने 93 सीटें जीतीं, नवाज़ शरीफ़ की PML-N को महज़ 75 सीटें मिलीं और बिलावल भुट्टो की PPP को 54 सीटों से ही संतोष करना पड़ा। इनके अलावा दूसरे छोटे दलों को 21 सीटें मिली हैं। लेकिन सरकार के लिए जिस मैजिक नंबर यानी बहुमत की जरूरत है, उसका आंकड़ा 134 है, जो इनमें से किसी भी दल के पास नहीं है। इसलिए कई दिनों से जोड़-तोड़ की राजनीति चल रही है।

पिछले दिनों तो ये भी खबर आई थी कि जेल में बंद इमरान खान  की मदद के लिए वहां की सेना ने हाथ बढ़ाया है। सेना ने इमरान खान को प्रधानमंत्री बनाने का ऑफर दिया था, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। लेकिन ये शर्तें इमरान खान पूरा करने की स्थिति में नहीं थे, ऐसे में इमरान खान को इस मौके से भी हाथ धोना पड़ा।

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