PM Modi BRICS Summit: नई दिल्ली में हुए BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर ने भारत की संतुलित विदेश नीति को लेकर खूब चर्चा बटोरी। तस्वीर में पीएम मोदी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान का हाथ थामे दिखाई दिए। इस दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा भी उनके साथ मौजूद थे।
यह तस्वीर ऐसे वक्त सामने आई है जब ईरान और इजरायल के बीच तनाव बेहद गंभीर दौर में है। वहीं रूस भी यूक्रेन युद्ध के चलते पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। इसके बावजूद भारत ने BRICS मंच पर दोनों देशों के साथ अपने मजबूत रिश्तों का संदेश दिया।
अमेरिका के साथ साझेदारी, रूस-ईरान से भी मजबूत रिश्ते
भारत की विदेश नीति की खासियत यह रही है कि उसने पश्चिमी देशों के साथ रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाते हुए रूस और ईरान के साथ भी अपने पुराने संबंधों को बनाए रखा है। BRICS सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने ईरान और रूस के राष्ट्राध्यक्षों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय मुलाकातें कर भारत की इसी स्वतंत्र और संतुलित कूटनीति को सामने रखा।
ईरान के संदर्भ में पश्चिम एशिया में जारी तनाव के साथ ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार की सुरक्षा अहम मुद्दे बने हुए हैं। दूसरी ओर रूस से बातचीत में यूक्रेन संघर्ष और द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
पीएम मोदी ने दिया बातचीत और शांति का संदेश
ईरान के राष्ट्रपति के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया के संकट का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए तलाशने पर जोर दिया। उन्होंने आम लोगों के साथ-साथ समुद्री जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत बताई। अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही और व्यापार जारी रखने को भी महत्वपूर्ण बताया।
राष्ट्रपति पुतिन के साथ बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ रक्षा, ऊर्जा और व्यापार जैसे क्षेत्रों पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने यूक्रेन विवाद के समाधान के लिए बातचीत और शांतिपूर्ण प्रयासों को आगे बढ़ाने की भारत की नीति भी दोहराई।
कुल मिलाकर BRICS सम्मेलन में पीएम मोदी की ईरान और रूस के शीर्ष नेताओं से मुलाकातों ने यह संकेत दिया कि भारत वैश्विक ध्रुवीकरण के बीच अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए सभी प्रमुख शक्तियों के साथ संवाद और सहयोग जारी रखना चाहता है।

