न्यूज़ डेस्क
दस साल तो किसी तरह बीजेपी आगे बढ़ती रही लेकिन अब बीजेपी की दौर कमजोर हो गई है। बीजेपी और मोदी -शाह को अब विपक्ष से चुनौती मिल रही है। चुनौती भी ऐसी जिसमे बीजेपी की फांस बढ़ती जा रही है। इसी बीजेपी और इसी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बहुत कुछ होता देखता था।
बड़ी सांख्य में अंधभक्त बीजेपी से जुड़े थे। कई राज्यों में सरकार बनती जा रही थी। लगता था मानो मोदी और शाह का सामना करना किसी के बुते की बात नहीं। लेकिन समय के बदलाव के साथ ही राजनीति में अभी जो कुछ भी दिखाई पड़ रही है उससे साफ़ है कि बीजेपी का अब वह इकबाल नहीं रहा जो इकबाल पहले था। पीएम मोदी के इकबाल में भी भरी गिरावट दर्ज होतृ जा रही है। बीजेपी के सामने चारो तारीफ चुनौती है।
अगली झारखंड में सरकार बनाने की है। अगर इस बार झारखंड में बीजेपी की सरकार नहीं बनी तो पार्टी के सामने और भी मुश्किलें बढ़ेगी। बीजेपी का पूरा तंत्र झारखंड को साधने में जुटा तो है लेकिन झामुमो के सामने बीजेपी अबका कोई भी दाव सफल होता नहीं दिख रहा है।
पीएम मोदी अब फिर से झारखंड जा रहे हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झारखंड में रहेंगे। वह हजारीबाग की धरती से ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’ लॉन्च करेंगे। इसके अलावा वह झारखंड में भाजपा की ओर से निकाली जा रही परिवर्तन यात्रा की समापन रैली को संबोधित करेंगे।
17 दिनों के अंतराल में पीएम मोदी दूसरी बार झारखंड आ रहे हैं। इसके पहले 15 सितंबर को उन्होंने जमशेदपुर से छह वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई थी और बाद में शहर के गोपाल मैदान में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आयोजित विशाल रैली को संबोधित किया था।
पीएम का यह दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है। यह चौथी बार है, जब वह झारखंड की धरती से महत्वपूर्ण केंद्रीय योजना की लॉन्चिंग करेंगे। इसके पहले 2018 में आयुष्मान योजना, 2019 में किसान मानधन योजना, खुदरा व्यापार एवं स्वरोजगार पेंशन योजना एवं एकलव्य मॉडल स्कूल और 2023 के नवंबर में विकसित भारत संकल्प यात्रा एवं पीएम जन मन योजना की शुरुआत भी उन्होंने झारखंड की धरती से की थी।
‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’ की योजना देश के आदिवासी बहुल गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और जनजातीय आबादी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्यों पर केंद्रित है। इस योजना को केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने 18 सितंबर को मंजूरी दी थी।
प्रारंभिक तौर पर इस अभियान के लिए 79 हजार 156 करोड़ रुपए की राशि का प्रस्ताव किया गया है। यह योजना 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 549 जिलों के 2,740 ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले करीब 63,000 आदिवासी बहुल गांवों को कवर करेगी और और 5 करोड़ से अधिक जनजातीय आबादी लाभान्वित होगी।
इस अभियान के तहत आदिवासी गांवों में 20 लाख आवास, 25 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कों और पुलों के निर्माण, हर घर को स्वच्छ पेयजल, गैस और बिजली कनेक्शन देने का लक्ष्य है। इसके अलावा 100 आदिवासी मार्केट सेंटर, आश्रम एवं स्कूल, चलित स्वास्थ्य केंद्र, कौशल विकास केंद्र की स्थापना की जानी है।
इस अभियान के तहत जनजातीय समूहों की आय बढ़ाने के लिए कृषि, बागवानी को प्रोत्साहित करना और जनजातीय संस्कृति, विरासत एवं परंपराओं को संरक्षित करने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हजारीबाग स्थित विनोबा भावे विश्वविद्यालय परिसर में होने वाले कार्यक्रम में केंद्रीय योजना की लॉन्चिंग के बाद देश के 33 जनजातीय समूहों के प्रतिनिधियों से संवाद भी करेंगे।
हजारीबाग में प्रधानमंत्री का दूसरा प्रस्तावित कार्यक्रम राजनीतिक है। वह शहर के मटवारी स्थित गांधी मैदान में भाजपा की परिवर्तन यात्रा की समापन रैली को संबोधित करेंगे। यह यात्रा 15 सितंबर को जमशेदपुर में प्रधानमंत्री की रैली के पांच दिन बाद 20 सितंबर से शुरू हुई थी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साहिबगंज जिले के भोगनाडीह गांव से इस यात्रा की शुरुआत की थी। उसके बाद से यह यात्रा अब तक यह राज्य के 81 में से 76 विधानसभा क्षेत्रों को कवर कर चुकी है।
