प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली में जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद दिल्ली लौटे

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18 वीं लोकसभा में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से एनडीए के प्रधानमंत्री के रूप में भारत में भले ही पीएम मोदी का रूतबा थोड़ा घटा हुआ लग रहा है,लेकिन विदेशों में अभी भी इनका वही पुराना रूतबा बरकरार है। सत्ता संभालते ही शुक्रवार को उन्होंने इटली में आयोजित जी – 7 की बैठक में हिस्सा लिया और अब वे शनिवार को जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के इटली से नई दिल्ली  पहुंचकर अपने देश के विकास के काम में भिड़ गए हैं। अपनी एक दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि मेरे लिए अपुलिया में जी-7 शिखर सम्मेलन में एक बहुत ही अच्छा दिन रहा।विश्व के नेताओं के साथ बातचीत की और विभिन्न विषयों पर इस दौरान चर्चा की।इटली में पीएम मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पोप फ्रांसिस सहित कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।

इटली वासियों को दिया धन्यवाद

इटली से रवाना होते वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां के लोगों और सरकार को उनके ‘गर्मजोशी से भरी मेहमाननवाजी’ के लिए धन्यवाद कहा।पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि अपुलीया में विश्व नेताओं से बातचीत की और विभिन्न विषयों पर हमारी बात हुई।साथ मिलकर, हमारा लक्ष्य ऐसे प्रभावशाली काम को आगे बढ़ाना है जिससे वैश्विक समुदाय को लाभ पहुंचे। भावी पीढ़ियों के लिए एक बेहतर दुनिया का निर्माण करना हमारा लक्ष्य है। मैं इटली के लोगों और सरकार को उनके गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए धन्यवाद देता हूं।

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा

विदेश मंत्रालय की ओर से जो सोशल मीडिया पोस्ट किया गया, उसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र नई दिल्ली के लिए रवाना हो गये हैं। इसके साथ ही उनकी इटली की सफल यात्रा संपन्न हो गई।इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री की जी7 मंच के तहत प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर सार्थक बातचीत हुई।

असमानताओं की मिटाकर वैश्विक समावेशी समाज बनाने पर दिया जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली के अपुलिया क्षेत्र में जी-7 शिखर सम्मेलन के संवाद सत्र को संबोधित किया।इस दौरान उन्होंने कहा कि वैश्विक समुदाय को समावेशी समाज की नींव रखने और सामाजिक असमानताओं को खत्म करने में मदद करने के लिए प्रौद्योगिकी में एकाधिकार को व्यापक उपयोग में तब्दील करने की दिशा में काम करने की जरूरत है।भारत एआई को पारदर्शी, निष्पक्ष, सुरक्षित, सुलभ और जिम्मेदार बनाने के लिए सभी देशों के साथ मिलकर काम करेगा।प्रधानमंत्री ने ‘ग्लोबल साउथ’ के समक्ष चुनौतियों का जिक्र किया और कहा कि वे वैश्विक अनिश्चितताओं और तनावों का खामियाजा भुगत रहे हैं। भारत ने ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों की प्राथमिकताओं और चिंताओं को विश्व मंच पर रखना अपनी जिम्मेदारी माना है।

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