प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दक्षिण विजय यात्रा,केरल में 4 हजार करोड़ की परियोजना

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आसन्न लोकसभा चुनाव 2024 को देखते हुए इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ताबड़तोड़ दक्षिण विजय यात्रा पर हैं। उत्तर भारत में बीजेपी की स्थिति अपेक्षा के ठीक होने के कारण नरेंद्र मोदी जो 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी का रणनीति बना रहे हैं, उन्होंने उत्तर में इस समय अपने बीजेपी के दूसरे क्षत्रपों को लगा दिया है और खुद अभी दक्षिण विजय यात्रा पर निकले हुए। नरेंद्र मोदी की एक बड़ी खासियत यह है कि वह वहां जहां जाते हैं वहीं छा जाते हैं। इसके लिए वे विशेष होमवर्क कर वहां जाते है। इस समय दक्षिण यात्रा के दौरान विभिन्न मंदिरों में जा रहे हैं ,वहां पूजा – अर्चना कर रहे हैं और 22 जनवरी तक जबकि अयोध्या की राम मंदिर में रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा होगी तब तक हर लोगों से अपील कर उनसे एक भावनात्मक लगाव उत्पन्न कर रहे हैं कि वह अपने मंदिरों की सफाई व्यवस्था पूरी चुस्त दुरुस्त रखें।उन क्षेत्रों में विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कोच्चि में किया रोड शो

मंगलवार को आंध्र प्रदेश में वीरभद्र मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद वहां सीमा शुल्क इनडायरेक्ट टैक्स और नारकोटिक्स अकादमी के उद्घाटन के साथ 400 करोड़ की योजना का लाभ देने के बाद नरेंद्र मोदी शाम में केरल के कोच्चि पहुंच गए और एक रोड शो किया।इस रोड शो को लेकर केरल के लोगों में बड़ा उत्साह और उमंग था ।लंबे समय से लोग प्रधानमंत्री के रोड शो वाले रास्ते पर उनके आने का इंतजार कर रहे थे ।जब प्रधानमंत्री वहां से गुजरते लोग उनके ऊपर फूल बरसा करते और प्रधानमंत्री भी लोगों से लगाव दिखाने के लिए हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार कर रहे थे।

रामलला के अयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा को लेकर केरल से किया भावुक अपील

बुधवार को प्रधानमंत्री ने केरल के मंदिरों में पूजा करने के बाद 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर केरल से एक भावुक अपील किया।उन्होंने कहा कि इस दिन सारे मंदिरों में और घरों में दीपक जलाकर भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा के प्रति अपनी निष्ठा और समर्पण को व्यक्त करें। इस अवसर पर उन्होंने केरल वासियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह वह राज्य है जहां महीना भर राम कथा का आयोजन होता है। ऐसे में केरल वासियों से उन्हें रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर बड़ी उम्मीदें हैं।

भारत बनेगा समुद्री हब

भारत को समुद्री हब बनाने की ओर अग्रसर केंद्र सरकार ने आज केरल के कोच्चि से कई सौगात दिया है। दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत की सुविधा देने की कोशिश में नरेंद्र मोदी सरकार ने आज केरल के कोच्चि में ₹4000 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया है।कोच्चि के कोचिंग शिपयार्ड लिमिटेड,वेलिंगटन द्वीप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस परियोजना को देश को सोपा। इस परियोजना से केरल समेत पूरे देश को कई प्रकार के लाभ होने वाला है।

अंतर्राष्ट्रीय जहाज मरम्मत सुविधा (आईएसआरएफ) परियोजना का लाभ

* कोच्चि भारत का समुद्री केंद्र बनेगा ।

* ईएसआरएफ कोलंबो, दुबई,सिंगापुर और बहरीन के बराबर एक प्रमुख जहाज मरम्मत केंद्र के रूप में उभरेगा।

* सहायक उद्योगों के विकास को बढ़ावा मिलेगा।

2,000 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करेगा।

* अंतर्राष्ट्रीय जहाज मरम्मत आर्डर प्राप्त करेगा जिससे विदेशी राजस्व में वृद्धि होगा।

* पूरे क्षेत्र की आर्थिक उन्नति को आकर देगा।

इंडियन ऑयल का एलपीजी आयात टर्मिनल परियोजना के लाभ

* यह केरल और तमिलनाडु में बॉटलिंग संयंत्रों के लिए एलपीजी वितरण सुनिश्चित करेगा।

* इसकी एलजी भंडारण क्षमता 15400 मी टन होगी।

* यह प्रतिवर्ष 19800 मानव दिवस रोजगार सृजित करेगा।

* इससे प्रतिवर्ष 150 करोड रुपए की लॉजिस्टिक बचत होगी।

* यह प्रतिवर्ष 18000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम करेगा।

दुनिया की पहली सीढ़ीदार सुखी डॉक परियोजना के लाभ

* कोच्चि सभी प्रकार के जहाज की मरम्मत आवश्यकताओं के लिए वन स्टॉप सेंटर होगा।

* यह विमान वाहक, स्वेज मैक्स जहाज, एलएनजी वाहक बड़ी ड्रेजर आदि जैसे बड़े जहाजों को संभालेगा।

* यह जहाज निर्माण और सहायक उद्योगों में रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

* यह विश्व स्तरीय प्रौद्योगिकी को अपनाकर जहाज निर्माण में कौशल को बढ़ावा देगा।

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