पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति को देखते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को पेट्रोलियम, कच्चे तेल, गैस, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों से संबंधित स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत कई दिग्गज मंत्री मौजूद हैं।
गौरतलब है कि ईरान के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कई भारतीय जहाज के फंस जाने के चलते एलपीजी टैंकर को देश पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि, सरकार ने भरोसा दिया है कि वह जहां से भी अवसर मिलेगा वहां से एलपीजी की खरीद करेगी। रूस अगर विकल्प बनता है तो वहां से भी खरीदारी होगी।
अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है और साफ कर दिया है कि वह इस रास्ते से किसी दुश्मन देश को नहीं गुजरने देगा। इसके बंद होने से भारत समेत कई देशों पर असर पड़ रहा है। बहुत मुश्किल से जहाज को पास मिल पा रहा है। इस रुकावट से कच्चे तेल की सप्लाई पर पड़ रहा है। दुनिया भर में तेल की कीमत आसमान छूने लगी है।
इस संकट के आने के बाद से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अब तक 5 बार ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात की है। दोनों तरफ से सहयोग का भरोसा मिला है। वहीं, ईरान ने ब्रिक्स देशों से इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए कहा है। गौरतलब है लेकिन कि ब्रिक्स देशों में खुद ईरान भी शामिल है।

