गाजा में अस्पताल पर हुए हमले की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की निंदा

0
113

बीरेंद्र कुमार झा

इसराइल – हमासयुद्ध के दौरान गाजा के अस्पताल में हुए हमले में 500 लोगों की जान चली गई। पूरी दुनिया ने इसकी निंदा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस भी मामले में बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि जो भी इसमें शामिल है, उसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए गौरतलब है कि हमास ने इजरायली सेना पर इसका आरोप लगाया है। वहीं इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसके लिए हमास के आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया है।

पीएम मोदी ने किया ट्वीट

आरोपों और प्रत्यारोपों के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इस घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि गाजा के अल अहली अस्पताल में लोगों की मौत से गहरा सदमा लगा लगा है।पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है। प्रार्थना करता हूं इस युद्ध में नागरिकों की मौत होना गंभीर और निरंतर चिंता का विषय है।इसमें शामिल लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र ने अस्पताल पर हमले की कड़ी निंदा की

संयुक्त राष्ट्र ,इसके नेताओं और एजेंसियों ने गाजा के एक अस्पताल पर हुए हमले में कई नागरिकों की मौत को लेकर गहरा दुख जताया है और घटना की कड़ी निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि अस्पतालों या असैन्य बुनियादी ढांचे पर हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है। साथ ही निकाय ने इस घटना को अंजाम देने वालों को अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार जवाबदेह बनाने का आह्वान किया है।

अस्पताल पर हुए हमले को लेकर हमास और इसराइल आमने-सामने

गाजा के हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अस्पताल पर मंगलवार को हुए हवाई हमले में 500 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। उसने हमले के लिए इसराइल पर आरोप लगाया है।वहीं दूसरी तरफ इजराइल के अधिकारियों ने इस घटना में इजरायली रक्षाबलों की संलिप्तता से साफ इनकार किया और कहा कि इस्लामी जिहाद के आतंकवादियों द्वारा इज़राइल की ओर दागे हुए रॉकेट के गलत दिशा में मुड़े मोर और अस्पताल पर जाकर गिरे।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव की प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटिनियो गुटारेस ने कहा कि गाज़ा में एक अस्पताल पर हुए हमले में सैकड़ो फिलिस्तीनियों की मौत की खबर से दुखी और व्यथित हूं।मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।मेरी संवेदनाएं पीड़ितों के परिवार के साथ है। अस्पताल और चिकित्सा कर्मियों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत संरक्षण प्राप्त होता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here