न्यूज़ डेस्क
प्रधानमंत्री मोदी ने आज विपक्ष पर बड़ा हमला करते हुए उसके गठबंधन इंडिया को ईस्ट इंडिया कंपनी कह दिया। पीएम ने कहा कि उसी की तर्ज पर विपक्षी गठबंधन का निर्माण किया गया है। अंग्रेजों ने कईकंपनियों को मिलकर ईस्ट इंडिया कंपनी का निर्माण किया था ठीक उसी तरह से विपक्षी पार्टियों ने इंडिया का निर्माण किया है। पीएम मोदी के इस बयान के बाद विपक्ष ने भी हमला किया है लेकिन मोदी के बयान को लेकर जानकार ये भी कह रहे है कि सच तो यही है कि विपक्षी एकता की घेराबंदी से बीजेपी परेशान है और पीएम मोदी इस बात को समझ भी रहे हैं।
बीजेपी संसदीय दल की मीटिंग में प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष का काम प्रदर्शन करना है, उन्हें करने दें और आप लोग अपने काम पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि उनका मकसद 2027 तक भारत को विकसित देश बनाना है और तीसरे टर्म में भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है।
पीएम ने कहा कि विपक्ष दिशाहीन है उसने मन बना लिया है कि वह विपक्ष में ही रहना चाहते हैं। पीएम ने कहा कि 2027 तक देश को विकसित देशों की श्रेणी में खड़ा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि देश की हर विधानसभा से एक अमृत कलश जिसमें मिटटी भरी होगी वह दिल्ली लाया जाएगा और दिल्ली में अमृतवन का निर्माण होगा।
बीजेपी सांसद रविशंकर ने भी विपक्षी इंडिया पर हमला बोला और कहा कि आजकल लोग इंडियन मुजाहिद्दीन भी नाम रखते हैं, इंडियन पीपल्स फ्रंट भी नाम रखते हैं तो चेहरे पर चेहरे लगाते हैं, सच्चाई कुछ और है।
उन्होंने यह भी कहा, “हमें पीएम मोदी ने आशा जगाई है कि 2024 में भी हम ही आने वाले हैं। देश भी यही जानता है, विपक्ष भी समझता है कि लेकिन बार-बार विरोध करना, वो मान चुके हैं कि उन्हें सत्ता में नहीं आना और उन्होंने एक बहुत बड़ी टिप्पणी की कि इंडियन नेशनल कांग्रेस अंग्रेजों ने बनाया था, ईस्ट इंडिया कंपनी भी अंग्रेजों ने बनाई थी। उन्होंन हम लोगों से कहा कि हम जागृत हों सुबह की भोर की तरह, देश हमारी पुन: अपेक्षा कर रहा है। “

