Narendra Modi Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपने नेता को बार-बार राजनीतिक रूप से स्थापित करने की कोशिश में देश की छवि और उपलब्धियों पर सवाल उठाती है। पीएम मोदी ने संसद की कार्यवाही, विपक्ष की भूमिका और विदेशों में भारत को लेकर दिए जाने वाले बयानों पर भी कांग्रेस को घेरा।
‘भारत में डिस-ऑर्डर चाहते हैं कुछ लोग’
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बीच एक नए व्यवस्था-तंत्र की तलाश कर रही है, लेकिन कुछ लोग भारत में अव्यवस्था चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता विदेशों में भारत की आलोचना करते हैं और बाहरी हस्तक्षेप की मांग करते हैं। उनके बयान को राहुल गांधी पर परोक्ष निशाने के तौर पर देखा गया।
‘श्रीहरिकोटा से ज्यादा नेता को लॉन्च करने की कोशिश’
कांग्रेस के नेतृत्व पर तंज कसते हुए मोदी ने कहा कि पार्टी अपने नेता को लॉन्च करने में जितनी कोशिश करती है, उतनी लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती। उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति के लिए पार्टी के नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाए जाते हैं।
कांग्रेस के शोर में दब जाती है आलोचना की आवाज: मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना जरूरी है, लेकिन कांग्रेस के रवैये के कारण ईमानदार आलोचकों की आवाज भी दब जाती है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के कई युवा सांसद संसद में अपनी बात रखना चाहते हैं, मगर हंगामे के चलते उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता।
‘विपक्ष में सिर्फ एक नेता को आगे रखना चाहती है कांग्रेस’
मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विपक्ष के दूसरे नेताओं को आगे बढ़ने का मौका नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही बाधित होने से उन सांसदों को भी नुकसान होता है, जो सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना चाहते हैं।
कांग्रेस की विचारधारा पर भी साधा निशाना
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को ‘परजीवी’ बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी स्वतंत्र रूप से सोचने और दूसरे नेताओं को आगे बढ़ाने में विफल रही है। उन्होंने ‘दिमागी नक्सलियों’ का जिक्र करते हुए भी कांग्रेस की सोच पर हमला बोला। उनके इन बयानों से राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं।

