आम आदमी पार्टी (AAP) का कहना है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के धरने को कमजोर करने के लिए पीएम मोदी ने राहुल गांधी को अपने आवास पर धरने पर बैठा दिया है।आप नेता सोमनाथ भारती ने मीडिया से हुई बातचीत में कहा कि राहुल गांधी इस मुद्दे को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और कांग्रेस मिल गई है।भारती ने दावा किया कि राहुल गांधी पर बीजेपी का दबाव है। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी को छात्रो को समर्थन करना है तो जंतर मंतर पर जाएं।
सौरभ भारद्वाज ने कहा, ”पीएम आवास के बाहर बिना सरकार की परमिशन के कोई कैसे बैठ सकता है। राहुल गांधी को तमाम नेताओं के साथ वहां तक जाने दिया गया और फिर मीडिया की हेडलाइंस में राहुल गांधी छा गए। वह एक घंटे ही बैठे तो सरकार के मंत्री और होम सेक्रेटरी मिलने पहुंच गए। आखिर यह कैसे हुआ। राहुल गांधी 100 लोगों के साथ पीएम आवास के बाहर बैठे हैं और ऐसा होने दिया जा रहा है।आखिर यह जुगलबंदी क्यों है? ऐसा इसलिए क्योंकि जंतर-मंतर पर असली आंदोलन हो रहा है और इन्हें हटाने के लिए ऐसा हो रहा है।ये जेन-जी वाले सरकार के कंट्रोल में नहीं हैं।इसलिए इन्हें हटाना चाहते हैं।
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को पीटना सही नहीं है। छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।केजरीवाल ने छात्रों से डटे रहने की अपील करते हुए कहा कि सबसे बड़े तानाशाह को भी जनता के सामने झुकना ही पड़ता है।
गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा और अन्य कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। यह एक हाई सिक्योरिटी सेंसेटिव क्षेत्र, जहां कोई सामान्य व्यक्ति नहीं रुक सकता है। माना जा रहा है कि कांग्रेस ने काफी गुप्त तरीके से इस धरने की प्लानिंग बनाई और पैदल मार्च के बहाने तमाम नेताओं के साथ पीएम आवास के बाहर जाकर धरने पर बैठ गए।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने संगठन के साथ बातचीत शुरू करने की केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार एक तरफ तो CJP के साथ बातचीत कर रही है, वहीं दूसरी ओर वह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का सहारा ले रही है। दीपके ने नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर 32 दिन से जारी विरोध-प्रदर्शन में शामिल समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने हमारा समय बर्बाद किया।उसने हमारे प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया और उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए। आशुतोष रांका और सौरव दास को एक तरह से जेपी नड्डा के आवास पर नजरबंद कर दिया गया था।

