सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में इंडिया ब्लॉक के नेता जिस तरह से सीईसी ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया के खिलाफ अर्जी देने के लिए हुजूम लेकर पहुंचे, उसके खिलाफ मंगलवार को रिट याचिका दायर की गई है। सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई की बेंच से गुहार लगाई गई है कि मामला न्याय का कार्य बाधित करने से जुड़ा है, इसीलिए आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए। सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा है कि इसे मेंशन किया जा सकता है।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट गौरव भाटिया ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं के सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के फाइलिंग काउंटर में घुसने के मामले को लेकर सर्वोच्च अदालत से दखल देने की मांग की है। उन्होंने इसे ‘दुखद घटना’ बताते हुए, अदालत से सुनवाई की मांग की।
उन्होंने सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच को बताया कि उन्हें इसका डायरी नंबर मिल गया है।
इसपर जस्टिस बागची ने पूछा कि ‘क्या यह लिस्ट में है?’ इसपर भाटिया ने जवाब दिया, ‘अब मेरे पास डायरी नंबर है।’
इस केस के बारे में गौरव भाटिया ने बाद में अपने एक्स पोस्ट पर लिखा कि यह रिट याचिका दिगांत मिश्रा, दिव्यांश बिष्ट और अन्य वकीलों ने फाइल की है, एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड उत्कर्ष जयसवाल हैं।
मामला 12.10.2026 सुप्रीम कोर्ट के आसपास बाधाओं को लेकर है।
मामला 15.10.2026 को सुनवाई के लिए लिस्ट की गई है।
आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग
गौरव भाटिया के मुताबिक रिट याचिका के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट से मुख्य गुहार-
न्याय को बाधित करने वाले राजनीतिक नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू हो।
कोर्ट परिसर के अंदर राजनीतिक प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगे।
कोर्ट के आसपास प्रदर्शन के लिए एक न्यूट्रल फ्रेमवर्क तैयार हो।
सीसीटीवी और सिक्योरिटी लॉग्स सुरक्षित रखा जाए।
अदालत के सामने लंबित मामलों में राजनीतिक दखलंदाजी से सुरक्षा मिले।

