Patna News: पटना को जाम से राहत दिलाने की तैयारी, AI से 30-60 मिनट पहले मिलेगा ट्रैफिक जाम का अलर्ट

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Patna News: राजधानी पटना को ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए पथ निर्माण विभाग ने तकनीक आधारित समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विभाग की ओर से शुक्रवार को विश्वेश्वरैया भवन में ‘यातायात जाम के प्रबंधन एवं समाधान’ विषय पर उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने की।

कार्यक्रम में पूर्व CRRI निदेशक एवं IIT बॉम्बे के पूर्व प्रोफेसर प्रो. पी. के. सिकदर और Arcadis IBI Group के Country Head-India Operations वेंकटा चुंदुरू ने विशेषज्ञ के तौर पर हिस्सा लिया। इस दौरान पटना में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव, आबादी और वाहनों की संख्या, अतिक्रमण, ट्रैफिक नियमों के पालन और सड़क दुर्घटनाओं जैसी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

इन इलाकों में ट्रैफिक दबाव पर विशेष मंथन

डाक बंगला, पटना जंक्शन रोड, जीपीओ गोलंबर, एग्जीबिशन रोड, बोरिंग रोड, गांधी मैदान, पीएमसीएच, अशोक राजपथ, सगुना मोड़, अनीसाबाद और बेली रोड समेत कई प्रमुख हिस्सों में रोजाना बढ़ने वाले यातायात दबाव को लेकर संभावित समाधान पर मंथन किया गया।

AI बताएगा जाम से पहले का खतरा

कार्यक्रम में Arcadis की ओर से तैयार तकनीकी ड्राफ्ट ‘Mission Sugam Patna: ASTraM and SOS’ का प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें AI, डेटा एनालिटिक्स और इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म की मदद से ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक स्मार्ट बनाने का प्रस्ताव है।

योजना के तहत AI आधारित सिस्टम 30 से 60 मिनट पहले संभावित ट्रैफिक जाम का अनुमान लगा सकेगा। इसके आधार पर सिग्नल टाइमिंग और डायवर्जन को जरूरत के अनुसार स्वचालित रूप से बदला जा सकेगा।

ई-रिक्शा, ऑटो और मेट्रो के आसपास भी होगा बेहतर प्रबंधन

प्रस्ताव में ई-रिक्शा और ऑटो के अनियंत्रित ठहराव को नियंत्रित करने के लिए जियोफेंसिंग, वर्चुअल स्टैंड और शेड्यूलिंग का इस्तेमाल करने की बात कही गई है। स्टेशन और बाजार क्षेत्रों के साथ-साथ पटना मेट्रो स्टेशनों के आसपास बढ़ने वाली भीड़ और ड्रॉप-ऑफ व्यवस्था को भी तकनीक के जरिए बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।

इसके अलावा ट्रैफिक नियंत्रण में तैनात जवानों की उपस्थिति पर नजर रखने के लिए अटेंडेंस मॉनीटरिंग सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव भी सामने आया।

हादसा होते ही एम्बुलेंस को अलर्ट, ग्रीन कॉरिडोर पर जोर

तकनीकी प्रस्ताव में सड़क दुर्घटनाओं की AI के जरिए स्वत: पहचान करने की व्यवस्था भी शामिल है। दुर्घटना का पता लगते ही नजदीकी एम्बुलेंस को अलर्ट भेजने और जरूरत पड़ने पर ग्रीन कॉरिडोर की प्राथमिकता देकर घायल को 10 मिनट के भीतर अस्पताल पहुंचाने की दिशा में काम करने का सुझाव दिया गया है।

सड़क किनारे होने वाली अवैध पार्किंग और अतिक्रमण की पहचान कर सड़क की प्रभावी चौड़ाई बढ़ाने तथा बारिश और जलजमाव से प्रभावित सड़कों की पहले से जानकारी देकर ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों पर डायवर्ट करने की योजना भी प्रस्तावित की गई।

ICCC की मौजूदा व्यवस्था का होगा बेहतर इस्तेमाल

कार्यक्रम में पटना के मौजूदा Integrated Command and Control Centre (ICCC) के इंफ्रास्ट्रक्चर का अधिकतम इस्तेमाल करते हुए उसके ऊपर एक अतिरिक्त ‘इंटेलिजेंस लेयर’ विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। उद्देश्य मौजूदा सिस्टम को स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट से जोड़कर शहर की यातायात व्यवस्था को ज्यादा प्रभावी बनाना है।

अधिकारियों ने पटना समेत राज्य के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए ठोस और क्रियान्वयन योग्य कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम में BSRDCL के प्रबंध निदेशक, पटना नगर आयुक्त, Traffic SP, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक, जिला प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद प्रो. पी. के. सिकदर और अधिकारियों ने पथ निर्माण विभाग स्थित ICCC का निरीक्षण कर उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली।

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