न्यूज़ डेस्क
23 जून को विपक्षी एकता की बैठक के बाद नेताओं ने कहा था कि अब विपक्षी नेताओं की अगली बैठक शिमला में होगी। इसकी तारीख भी 10 से 12 जुलाई की तय की गई थी। लेकिन अब यह वेन्यू बदल गया है। जानकारी के मुताबिक यह बैठक अब बंगलौर में होने जा रही है और इसकी तारीख 13 और 14 जुलाई की तय की गई है। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने आज इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि पहले यह बैठक शिमला में प्रस्तावित थी लेकिन मौसम ख़राब होने और लगातार बारिश होने की वजह से बैठक का वेन्यू बदल दिया गया है। अब यह बैठक बेंगलुरु में होने जा रही है।
पवार ने कहा कि पटना में जेडीयू की अगुवाई में बैठक की गई थी जबकि बेंगलुरु में कांग्रेस की अगुवाई में मीटिंग होगी। अगली मीटिंग में एलायंस का नाम और कमेटी बनाए जाने पर विचार हो सकता है। शरद पवार ने प्रधानमंत्री मोदी के आरोपों पर भी पलटवार किया है। पवार ने कहा कि पटना में विपक्षी दलों की बैठक के बाद पीएम मोदी बेचैन हो गए हैं। विपक्ष एक साथ आया इसलिए व्यक्तिगत तौर पर बीजेपी की तरफ से टिप्पणी की जा रही है। जहां पर बीजेपी की सरकार वहीं पर जातीय दंगे हो रहे हैं। महाराष्ट्र में जाति धर्म के नाम पर दंगे हो रहे हैं।
पवार सामान नागरिक संहिता पर भी खूब बोले। उन्होंने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड पर सिख समाज में आम नागरिक कानून का समर्थन नहीं है। इस समाज में उनकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समान नागरिक संहिता के बारे में पूरी जानकारी मिलने के बाद हमारी पार्टी का रुख तय किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मेरी बेटी सुप्रिया अपने काम के दम पर तीन बार लोकसभा चुनाव जीती है। महाराष्ट्र में जिला पंचायत, ग्राम पंचायत, महानगरपालिका स्तर पर महिलाओं को आरक्षण है। हमारी केंद्र सरकार से मांग है कि विधानसभा और लोकसभा में भी महिलाओं को आरक्षण देश देने का निर्णय करें। एनसीपी उनके साथ खड़ी रहेगी।

