NTA Reform 2026: AI, साइबर सिक्योरिटी और GPS ट्रैकिंग… अब ऐसे होगी देश की सबसे सुरक्षित परीक्षा

0
6

NTA Reform News 2026: देश की प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों के लिए एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स के गठन को मंजूरी दी है। इस समिति की कमान इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि को सौंपी गई है। टीम में तकनीक, साइबर सुरक्षा, प्रशासन, लॉजिस्टिक्स और शिक्षा क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं।

सरकार का उद्देश्य ऐसी परीक्षा प्रणाली विकसित करना है, जिसमें पेपर लीक, फर्जी अभ्यर्थियों की एंट्री, साइबर हमलों और अन्य गड़बड़ियों की संभावना लगभग समाप्त हो जाए।

नंदन नीलेकणि संभालेंगे तकनीकी ढांचा

टास्क फोर्स के अध्यक्ष नंदन नीलेकणि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सुरक्षा को मजबूत बनाने पर काम करेंगे। उनकी विशेषज्ञता के आधार पर परीक्षा के लिए अत्याधुनिक एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जा सकता है, जिससे प्रश्नपत्र और परीक्षा डेटा पूरी तरह सुरक्षित रह सके। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बायोमेट्रिक तकनीक के उपयोग से फर्जी अभ्यर्थियों की पहचान आसान होगी।

IIT मद्रास के निदेशक वी कामाकोटी की अहम भूमिका

ऑनलाइन और कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं को साइबर हमलों से सुरक्षित रखना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी होगी। उनके अनुभव के आधार पर ऐसा सिस्टम विकसित किया जा सकता है, जिसमें प्रत्येक उम्मीदवार को अलग क्रम में प्रश्न दिखाई दें। इससे परीक्षा केंद्रों पर स्क्रीन शेयरिंग, सर्वर हैकिंग और अन्य तकनीकी गड़बड़ियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

एस. सोमनाथ देंगे जीरो-एरर मॉडल

इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ परीक्षा संचालन में अंतरिक्ष मिशनों जैसी सटीक कार्यप्रणाली लागू करने के सुझाव देंगे। उनका फोकस बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, साइबर निगरानी और त्रुटिरहित संचालन प्रणाली विकसित करने पर रहेगा, ताकि परीक्षा प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के पूरी हो सके।

तपन डेका करेंगे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत

पूर्व इंटेलिजेंस ब्यूरो प्रमुख तपन डेका परीक्षा से जुड़े संगठित अपराध और पेपर लीक नेटवर्क पर रोक लगाने के लिए इंटेलिजेंस आधारित रणनीति तैयार करने में सहयोग देंगे। रियल-टाइम मॉनिटरिंग और संदिग्ध गतिविधियों की समय रहते पहचान कर सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय करने की व्यवस्था पर भी उनका विशेष ध्यान रहेगा।

अमृत लाल मीणा बनाएंगे हाई-टेक लॉजिस्टिक्स सिस्टम

प्रश्नपत्रों की छपाई, सुरक्षित भंडारण और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से लैस करने की जिम्मेदारी अमृत लाल मीणा निभा सकते हैं। जीपीएस ट्रैकिंग, डिजिटल लॉक और समयबद्ध सुरक्षा व्यवस्था जैसी तकनीकों के जरिए प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की योजना तैयार की जा सकती है।

अनीता करवाल करेंगी शैक्षणिक सुधारों पर काम

पूर्व शिक्षा सचिव और सीबीएसई की पूर्व अध्यक्ष अनीता करवाल परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े शैक्षणिक और प्रशासनिक सुधारों पर सुझाव देंगी। मूल्यांकन प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने, उत्तर कुंजी से जुड़े विवादों के समाधान, ग्रेस मार्क्स नीति की समीक्षा और परीक्षा केंद्रों के संचालन संबंधी मानकों को बेहतर बनाने पर उनका विशेष फोकस रहेगा।

परीक्षा व्यवस्था में क्या बदल सकता है?

इस टास्क फोर्स के सुझावों के आधार पर भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इनमें डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करना, एआई आधारित निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, सुरक्षित लॉजिस्टिक्स, साइबर सुरक्षा की अतिरिक्त परतें और पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली शामिल हो सकती हैं। सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिस पर छात्र और अभिभावक पूरी तरह भरोसा कर सकें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here