अब उठी यूपी में जातीय जनगणना की मांग,अखिलेश का दावा  बीजेपी होगी परास्त

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अखिलेश अखिल
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी में जातीय जनगणना कराने की मांग की है। लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जाति जनगणना हर हाल में होना चाहिए, जब तक जाति जनगणना नहीं होगी न्याय नहीं मिल सकता है। अखिलेश यादव के इस बयान के बाद यूपी में जातीय जनगणना की मांग तेज हो रही है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में बीजेपी को जनता परास्त कर देगी। कहने को बीजेपी जो भी कहे लेकिन अगले चुनाव में उसका अंत होगा।।

सपा प्रमुख ने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा ने अमीर को और अमीर बनाकर आम जनता को गरीबी, बेरोजगारी, भुखमरी और महंगाई के साथ नफ़रत की राजनीति दी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा के शासनकाल में देश आर्थिक, सामाजिक, मानसिक और राजनीतिक रूप से सालों पीछे चला गया है।’’ यादव ने दावा किया कि 2024 के आम चुनाव में भाजपा की हार होगी।  उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘2024 के चुनाव में जनता भाजपा को उत्तर प्रदेश की सभी 80 सीट हरा देगी, दिल्ली से हटा देगी।’’

उल्लेखनीय है कि उत्‍तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से भाजपा का 64 और सहयोगी अपना दल (एस) का दो सीट पर कब्जा है जबकि 10 सीट बहुजन समाज पार्टी, तीन सीट समाजवादी पार्टी और एक सीट कांग्रेस के पास है।

बता दें कि लोकसभा चुनाव साल भर बाद है लेकिन चुनावी मृदंग और नगारे चारो तरफ बज रहे हैं। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा अब समाप्ति की तरफ है तो 26 तारीख से उसकी हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा राजनीतिक सन्देश के साथ जनता के बीच जा रही है। इस यात्रा में सबकुछ है। बीजेपी के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई की बात है तो मौजूदा सरकार पर चार्जशीट भी तैयार है। कांग्रेस अब बीजेपी और सरकार से दो -दो हाथ करने पर उतारू है। उसे लग गया है कि अबकी लड़ाई में वह चूक गई तो कांग्रेस की राजनीति को बचाना कठिन है। इस लड़ाई का अंतिम परिणाम क्या होगा यह सबको अचरज में डाले हुए है। बीजेपी फिर से सत्ता में लौटने के लिए वह हर कोशिश कर रही जो पहले नहीं की गई थी ,इधर कांग्रेस समेत तमाम पार्टियां अपनी तैयारी अपने मिजाज से कर रही है।

उत्तरप्रदेश में घमासान मचा है। वार पर प्रतिवार चल रहा है। बीजेपी को लग रहा है कि यूपी को  साधकर बीजेपी केंद्र में फिर से वापस कर सकती है। बीजेपी की नजर सूबे की सभी 80 सीटों पर फतह करने की है और उसी लिहाज से वह रणनीति भी बना रही है और लोगों को जोड़ भी रही है। अपने सभी लोगों को अभी से मैदान में उतार रही है और सरकारी योजनाओं की जानकारी घर घर तक पहुंचाने की कोशिश में है। लेकिन यह सब ऊपर से दिखने वाला खेल है नीचे की कहानी तो ये है कि बीजेपी और संघ के लोग कई दूसरी नीतिपर चल रहे हैं और विपक्ष को ख़त्म करने से लेकर उसे कमजोर करने पर काम कर रहे है। बीजेपी की समझ है कि विपक्ष को इतना कमजोर कर दिया जाए कि वह चुनाव के काबिल ही न बचे। बीजेपी की निगाह सबसे ज्यादा सपा पर है और सपा बीजेपी के हर खेल को जान रही है।

इधर बीजेपी के यूपी अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी से जैसे ही कहा कि इस बार यूपी की सभी सीटें बीजेपी जीतेंगी ,सपा प्रमुख का पारा चढ़ गया। अखिलेश यादव अपने रौ में आये और कह गए कि बीजेपी के दावे जो भी हो लेकिन सच ये भी है कि इस बार के चुनाव में वह हार का स्वाद भी चख सकती है। बीजेपी सभी सीटें भी हार सकती है। राजनीति में कुछ भी संभव है और निर्णय तो जनता जनार्दन को लेना है।

अखिलेश यादव यही नहीं रुके। उन्होंने अपनी  बात और भी आगे बढ़ाई। उन्होंने कहा कि जो पार्टी इस देश में 50 साल तक शासन करने का दावा कर रही है अब उसके दिन लद गए हैं वह अपने दिन गईं रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी वालों को और खासकर उसके अध्यक्ष को राज्य के दो मेडिकल कॉलेज का दौरा करना चाहिए तब उसे पता चलेगा कि उसकी जमीन खिसक चुकी है।  अखिलेश  यादव ने बीजेपी को मुजफ्फरनगर में खतौली विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी की हालिया हार की याद दिलाई।

बीजेपी पर आक्रमण करते हुए हुए अखिलेश  यादव ने का कि बीजेपी बड़े -बड़े बैनर और पोस्टर के जरिये समस्या का समाधान बता रही है लेकिन सच ये है कि वह जनता से दूर से जा चुकी है। इस सरकार से जनता परेशान है और अगले चुनाव में उसकी विदाई तय है। स्थिति तो यह है कि अब सूबे का बन्दर भी बन्दर बनने को तैयार नहीं है। बीजेपी के नफरत और भदेभाव की राजनीति को जनता समझ गई है। जो जनता पहले उसके साथ खड़ी थी अब उसी जनता का विश्वास टूट चुका है।

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