झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ईडी के रडार पर, जमीन घोटाले में होगी पूछताछ 

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अखिलेश अखिल 
चुनाव आते -आते कितने नेता निपट जायेंगे यह कोई नहीं जानता। अभी महीना भर ईडी प्रमुख संजय मिश्रा को अपने पद पर बना रहना है। इस बीच कई नेता जेल जा सकते हैं। जिसको निपटाना है उसकी फाइल तैयार है और उसे कब तक निशाने पर लेना है इसके गणित बैठाये जा रहे हैं। साथ में यह भी देखा जा रहा है कि इसके लाभ हानि क्या होने वाले हैं।  
  अब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन यदि के निशाने पर आ गए हैं। कहा जा रहा है कि अब उन्हें निपटाने की तैयारी सुरु कर दी गई है। जबसे रांची में बीजेपी को नया अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी मिले हैं तभी से इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि अब कोई बड़ा खेल हो सकता है। इसलिए अब खेल का वक्त भी सामने आ गया है। ईडी जमीन घोटाले में हेमंत सोरेन को 14 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया है। ध्यान रहे कि ईडी इस मामले में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। ईडी को जमीन घोटाला मामले की जांच कर रही है और ईडी इसी सिलसिले में हेमंत सोरेन से पूछताछ करेगी।   
            ईडी इस मामले में अब तक रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन और कोलकाता के कारोबारी अमित अग्रवाल सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। जिसमें कोलकाता के एक कारोबारी और मॉल के मालिक विष्णु अग्रवाल भी शामिल हैं। इसके अलावा बड़गाई अंचल के सीओ भानु प्रसाद को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में ही पूर्व से जेल में बंद सेटर प्रेम प्रकाश से भी पूछताछ हो चुकी है। ईडी इस मामले की तह तक जाने में जुटी हुई है। इस मामले में गिरफ्तार एक आरोपी विष्णु अग्रवाल की रिमांड भी बढ़ाई जा चुकी है। उधर, हाल में जांच एजेंसियों ने जब बड़गाई के सीओ से पूछताछ की थी तो उसने इस मामले में ईडी के सामने कई बड़े चेहरों का पर्दाफाश किया था। ईडी के सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक सीओ ने कई बड़े नेताओं और अधिकारियों के मिलीभगत की बात की थी।
             इस घोटाले के केंद्र में फर्जी कागजात हैं। जिसके आधार पर जमीन की खरीद-बिक्री की गई। ध्यान रहे कि रांचे के चेशायर होम रोड स्थिति एक एकड़ जमीन और सेना के कब्जे वाले पांच एकड़ के लगभग जमीन को नकली कागजात के आधार पर बिक्री कर दिया गया। इस मामले में ईडी ने पश्चिम बंगाल सहित जमशेदपुर और हजारीबाग के साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। ईडी को छापेमारी के दौरान जमीन घोटाले से जुड़े काफी दस्तावेज मिले थे। इस छापेमारी में पता चला कि भू माफिया और बड़े लोगों ने कैसे आपस में सांठगांठ कर पूरी की पूरी जमीन फर्जी कागजात के आधार पर बेच डाली।
    खैर खेल तो और भी बहुत कुछ है लेकिन जानकारी इस बात की भी मिल रही है कि बीजेपी एक बार फिर से झारखंड ऑपरेशन कमल चालाने की कोशिश कर रही है।  कोशिश  है।  कोशिश तो लगभग पूरी भी हो गई थी लेकिन मामला ऐन वक्त पर ख़राब हो गया। अगर यह सब नहीं हुआ होता तो आज बीजेपी वहां सत्ता में रहती। लेकिन अब बाबूलाल मरांडी के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद बीजेपी एक बार फिर से सक्रिय हुई है। उसे लग रहा है कि सरकार को गिराकर या फिर सरकार के नेताओं पर नकेल कसकर विपक्ष को कमजोर किया जा सकता है। ईडी इसी खेल को आगे बढ़ा रही है। 

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