बीरेंद्र कुमार झा
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सोमवार को भी बहस पूरी नहीं हो सकी। मंगलबार को एक बार फिर इस मामले में दलीलें रखी जाएगी। जस्टिस संजीव खन्ना और एसवीएन भट्टी की बेंच ने प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सी राजू से कई सवाल किया। इस दौरान एक बार कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी को अनंत काल तक जेल में नहीं रखा जा सकता है।
ट्रायल शुरू नहीं होने की बिला पर नहीं रख सकते अनंत काल तक जेल में
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस खन्ना ने कहा कि किसी व्यक्ति को अनंत काल तक सिर्फ इसलिए जेल में नहीं रखा जा सकता है ,क्योंकि ट्रायल कोर्ट में आप पर सुनवाई शुरू नहीं हुई है।जस्टिस खन्ना ने कहा कि आरोपों पर बहस क्यों नहीं शुरू हुई है।आप किसी को अनंत काल तक जेल में नहीं रख सकते हैं, क्योंकि आपको विश्वास नहीं है कि कब आरोपों पर बहस शुरू कर सकते हैं।चार्जसीट दायर हो गई है तो बहस की शुरुआत हो जानी चाहिए ।
एक्टिव मीडिया का है दौर
इसके बाद एएसजी ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी कहा कि शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी को भी आरोपी बनाने का फैसला किया गया है। इस पर कोर्ट नेमंगलवार को साफ करने के लिए कहा है कि आप पार्टी पर भी सामान आरोप होंगे या अलग। इससे पहले सुनवाई शुरू होने पर कोर्ट ने कहा कि पिछली बार जब उन्होंने कुछ सवाल किए थे, तो वह निष्कर्ष नहीं थे,बल्कि कुछ समझने के लिए प्रश्न किए गए थे। इसपर एएसजी ,ने कहा की एक्टिव मीडिया का दौर है।गौरतलब है की कोर्ट ने सिसोदिया के खिलाफ सबूत को लेकर कांग्रेस ईडी से कुछ सवाल किए थे।
फरवरी से जेल में बंद है सिसोदिया
गौरव क्लब है कि 2021 की आबकारी नीति को लेकर दिल्ली सरकार पर शराब घोटाले केआरोप लगाए गए हैं।कथित शराब घोटाले से जुड़े मनीलॉन्ड्रिंग केस में मनीष सिसोदिया को इस साल फरवरी में गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में में बंद है। सिसोदिया को निचली अदालत और हाई कोर्ट से राहत नहीं मिल पाई थी,इसलिए उन्होंने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
