विकास कुमार
बॉलीवुड के बड़े कला निर्देशक चंद्रकांत देसाई के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में मातम छा गया है। अपने शानदार काम के लिए देसाई को चार बार सर्वश्रेष्ठ कला निर्देशन का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। बताया जा रहा है कि बेइंतहा कर्ज में डूबने के चलते ही नितिन देसाई कई हफ्तों से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे।
नितिन चंद्रकांत देसाई ने महाराष्ट्र सरकार से मुंबई से काफी दूर करजत में 50 एकड़ से अधिक का जमीन का टुकड़ा लिया था। इस जमीन पर देसाई ने एक बड़ा स्टूडियो बनाया था। एनडी स्टूडियो के नाम से नितिन देसाई ने स्टूडियो तैयार किया था। इसी स्टूडियो में फिल्म ‘जोधा अकबर’ की शूटिंग हुई थी। इस फिल्म का सेट उन्होंने हटाया नहीं और इसी में फेरबदल करके बाद में कई टेलीविजन धारावाहिकों की शूटिंग यहां चलती रही। बताया जा रहा है कि नितिन देसाई पर इन दिनों करीब दो सौ 52 करोड़ रुपए का कर्ज था और इसकी वसूली के लिए स्थानीय प्रशासन से मिलकर कर्ज देने वाली कंपनियों ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। नितिन को अंदेशा था कि उन्हें एक दिन इस स्टूडियो से बेदखल होना ही पड़ेगा और इसी तनाव के चलते देसाई परेशान थे।
नितिन देसाई की कंपनी एनडी आर्ट वर्ल्ड लिमिटेड ने ईसीएल फाइनेंस से कुल मिलाकर एक सौ 85 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। कोरोना काल से पहले ही इसके भुगतान में दिक्कतें आने लगी थीं। आखिरकार इसी कर्ज के बोझ से परेशान नितिन देसाई की जीवनलीला खत्म हो गई। उनकी मौत से बॉलीवुड ने एक बड़ा कला निर्देशक खो दिया है। उनके असमय जाने की भरपाई शायद ही बॉलीवुड कभी कर पाए।

