बीरेंद्र कुमार झा
कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू रोड रेज मौत मामले में अपनी सजा काटने के बाद पटियाला केंद्रीय कारागार से बाहर आ गए हैं। जेल से बाहर निकलते ही उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी और पंजाब की भगवंत मान सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं है। जिस वक्त वह जेल से बाहर आए ,उस वक्त उन्होंने आसमानी रंग की जैकेट पहन रखी थी। ऐसी उम्मीद थी उन्हें दोपहर तक रिहा कर दिया जाएगा,लेकिन वे शाम 5:53 पर जेल से बाहर निकले।
पंजाब में हो रही राष्ट्रपति शासन लगाने की कोशिश
पटियाला जेल से रिहा होने के तुरंत बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि अभी लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं है। पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाने की साजिश हो रही है। पंजाब में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।सिद्धू ने चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब को कमजोर करने की कोशिश की, तो कमजोर हो जाओगे।
सिद्धू ने राहुल गांधी को बताया क्रांति
जेल से बाहर आते ही नवजोत सिंह सिद्धू ने राजनीति शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि जब भी इस देश में तानाशाही आई, इसके साथ एक क्रांति भी आई।मैं छाती ठोक कर कहता हूं कि उस क्रांति का नाम है राहुल गांधी। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की जड़ें हिला दी है।सिद्धू ने कहा कि आज लोकतंत्र बेड़ियों में है। मेरा छोटा भाई भगवंत मान भी अगर सुन रहा होगा ,तो यह उसके लिए भी हैं। सिद्धू ने कहा कि पंजाब देश की ढाल है, और उसे तोड़ने की कोशिश हो रही है।
पटियाला जेल के बाहर सुबह से ही जमे थे समर्थक
नवजोत सिंह सिद्धू के पटियाला केंद्रीय कारागार से बाहर निकलने से पहले जेल के बाहर भारी संख्या में उनके समर्थक सुबह से ही जमा हो गए थे। पूर्व क्रिकेटर और राजनीतिज्ञ सिद्धू की रिहाई पर उसका भव्य स्वागत करने के लिए कांग्रेस के कई नेता और समर्थक जेल के बाहर एकत्र हुए और नवजोत सिंह सिद्धू जिंदाबाद के नारे लगाए। सिद्धू के स्वागत के लिए जेल के बाहर खड़े उनके समर्थकों ने ढोल बजाकर उनकी रिहाई का जश्न मनाया। नवजोत सिंह सिद्धू के स्वागत के लिए समर्थकों ने पटियाला शहर में जगह जगह पर उनके पोस्टर और होर्डिंग भी लगाएं।
सिद्धू के बेटे करण ने कहा पिता को जेल से रिहा होता देख उन्हें खुशी हो रही है
सिद्धू के बेटे करण सिद्धू ने कहा कि पूरे परिवार को उनके पिता की जेल से रिहाई का बेसब्री से इंतजार था। करण ने कहा कि पिछला कुछ समय उनके परिवार के लिए बहुत मुश्किल भरा रहा। लेकिन अब अपने पिता को जेल से रिहा होता देख, उन्हें खुशी हो रही है।
इस मामले में हुई थी सिद्धू को जेल की सजा
नवजोत सिंह सिद्धू को रोज रेड मामले में 1 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व प्रमुख ने पटियाला की एक अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। जिसके बाद उन्हें पिछले वर्ष 20 मई को जेल भेज दिया गया था।

