बीरेंद्र कुमार झा
बिहार के पश्चिम चंपारण जिला में मिड डे मील खाने के बाद बीमार पड़े 150 बच्चों के मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मुख्य सचिव को नोटिस भेजा आयोग है।आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि इस मामले में अधिकारियों के स्तर पर चूक हुई है। इसलिए सरकार आयोग के पत्र का संज्ञान लेते हुए पूरे मामले से अवगत कराए। इसके साथ ही आयोग ने मुख्य सचिव को 4 सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया है।
मिड डे मील खाने के बाद 150 बच्चे हुए थे बीमार
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते गुरुवार को पश्चिम चंपारण जिला के बगहा अनुमंडल के नरवल – बरवल पंचायत के राजकीय मध्य विद्यालय में मिड डे मील खाने के बाद करीब डेढ़ सौ बच्चे बीमार हुए थे।उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। विभिन्न समाचार पत्रों में छपे इस समाचार पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मुख्य सचिव आमिर सुबहानी से जवाब तलब किया है।
मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए भेजा पत्र
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से जारी पत्र में मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि प्रकाशित समाचार यदि सत्य है तो यह मामला बच्चों के मानवाधिकार के उल्लंघन का है।निश्चित रूप से यह लापरवाही का मामला है। भोजन अस्वास्थ्यकर तरीके से तैयार किया गया और छात्रों को परोसा गया। स्कूल के अधिकारियों की ओर से निरीक्षण में चूक हुई है।
दोषियों के खिलाफ क्या हुई कार्रवाई
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से कहा गया है सरकार अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी भी दे कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो। इसके लिए उसके स्तर पर क्या कदम उठाया जाना है?रिपोर्ट में यह भी जानकारी मांगी गई कि विद्यालय विशेष द्वारा सरकारी निर्देशों के पालन में कोताही तो नहीं हो रही है। इस घटना के लिए जो भी दोषी है उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।

