न्यूज़ डेस्क
‘मोदी सरनेम’ वाले आपराधिक मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की याचिका पर शिकायतकर्ता पूर्णेश मोदी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया। शिकायतकर्ता ने शीर्ष अदालत से राहुल गांधी की याचिका खारिज करने की मांग की है। पूर्णेश मोदी ने अपने जवाब में कहा है कि ‘राहुल गांधी को राहत देने का कोई आधार नहीं है। उनका आचरण घमंड भरा है। बिना वजह एक पूरे वर्ग को अपमानित करने के बाद उन्होंने माफी मांगने से मना किया। निचली अदालत से सजा पाने के बाद भी वह घमंड भरा बयान देते रहे। सिर्फ संसद सदस्यता बचाने के लिए दोषसिद्धि पर रोक लगाने का कोई आधार नहीं है। ”
बता दें कि राहुल गांधी ने गुजरात हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए मामले में अपनी दोषसिद्धि पर रोक लगाने मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी थी। मामले पर अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी। अब दोनों पक्षों को सुनने के बाद शीर्ष अदालत क्या कुछ फैसला करता है इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई है। कांग्रेस को उम्मीद है कि राहुल गाँधी को सहर्ष अदालत से राहत मिल सकती है।
कई जानकार भी मान रहे हैं कि शीर्ष अदालत का फैसला राहुल गाँधी के पक्ष में आ सकता है। और ऐसा नहीं हुआ तो फिर राहुल को जेल जाना पड़ेगा। इसके सतह ही लगभग आठ साल तक वे चुनावी राजनीति से अलग हो सकते हैं। इससे पहले राहुल गाँधी की सांसदी भी ख़त्म हो गई है और सरकार बांग्ला भी वे खाली कर चुके हैं। राहुल गाँधी केरल के वायनाड सीट से सांसद चुने गए थे।

