विकास कुमार
राजनीति में ना तो कोई स्थायी शत्रु होता है और ना ही कोई स्थायी मित्र। यही वजह है कि बदलते वक्त के साथ मुस्लिमों के प्रति बीजेपी की सोच में भी अब बदलाव आया है। 2024 के लोकसभा चुनाव में मुस्लिमों पर डोरे डालने के लिए बीजेपी ने नया मिशन शुरू कर दिया है। बीजेपी ने मुस्लिम वर्चस्व वाली 65 लोकसभा सीटों को लेकर नया टारगेट सेट किया है। इन 65 मुस्लिम वर्चस्व वाली सीटों पर बीजेपी ‘मोदी मित्र’ नाम का अभियान चलाएगी। इस अभियान के दौरान मुस्लिम समाज के बीच मोदी सरकार की योजनाओं के फायदे गिनाए जाएंगे। इन 65 लोकसभा सीटों पर मुस्लिम वोटर हार जीत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चे से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को इन इलाकों में भेजा जाएगा। बीजेपी के ये वर्कर मुस्लिम समाज के बीच मोदी का मित्र बनकर जाएंगें।

बीजेपी का मिशन मुस्लिम
वहीं मुस्लिमों को बीजेपी के साथ जोड़ने के लिए 15 मार्च से सूफी संवाद महाअभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए बीजेपी ने डेढ़ सौ गैर राजनीतिक दलों की एक टीम बनाई है। इस टीम का मकसद मुस्लिम वोटरों को बीजेपी के साथ जोड़ना है। एक साल तक इसी तरह के देशव्यापी मुहिम चलाई जाएगी। और 2023 के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सूफी संवाद अभियान में बीजेपी सांसद हंसराज हंस बिस्मिल्लाह रहमान रहीम बोलने से भी परहेज नहीं कर रहे हैं।

सूफी संवाद अभियान में उत्तर प्रदेश,बिहार,पश्चिम बंगाल,केरल और तेलंगाना को खास जगह दी गई है। इन राज्यों के मुस्लिम बहुल इलाकों में बीजेपी के नेता सूफी संवाद अभियान चलाएंगे। बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चे से जुड़े डेढ़ सौ गैर राजनीतिक लोगों का दल बनाया गया है। इस टीम को मुस्लिम बहुल इलाकों में जाकर संपर्क और संवाद कायम करना होगा। इस दौरान मोदी सरकार की अल्पसंख्यकों से जुड़ी योजनाओं का प्रचार किया जाएगा।

बीजेपी आलाकमान को ये लगता है कि मुस्लिम वोटरों में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति सोच में बदलाव आया है। हालांकि बीजेपी के इस नए मुस्लिम प्रेम से वोटों की फसल तैयार हो पाएगी या नहीं। ये तो 2024 के लोकसभा चुनाव में ही पता चलेगा।

