बीरेंद्र कुमार झा
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कई अहम चीजों की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने विश्वकर्मा योजना, पीएम बस सेवा और डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के विस्तार को मंजूरी दे दी है।केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और अश्विनी वैष्णव ने प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी। आइए जानते हैं कि मंजूरी मिल जाने के बाद अब इन योजनाओं के तहत किन लोगों को मिलेगा लाभ और केंद्र सरकार की योजनाओं की क्या है रूपरेखा।
क्या है विश्वकर्मा योजना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को विश्वकर्मा योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है,जिसके माध्यम से गुरु- में शिष्य परंपरा के तहत कौशल कार्यों को बढ़ाने वाले कामगारों का कौशल विकास किया जाएगा तथा उन्हें ऋण सुविधा एवं बाजार पहुंच प्रदान करने में मदद की जाएगी।केंद्रीय मंत्री अश्वनी, वैष्णव ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
₹13 हजार करोड़ की योजना
यह योजना ₹13 हजार करोड़ रुपए की है और इससे 30 लाख पारंपरिक कारीगरों को लाभ होगा ।उन्होंने बताया कि छोटे-छोटे कस्बों में अनेक वर्ग ऐसे हैं जो गुरु- शिष्य परंपरा के तहत कौशल से जुड़े कार्यों में लगे हैं। इनमें लोहार, कुम्हार, राज मिस्त्री, धोबी, फुल का काम करने वाले,मछली का जाल बुनने वाले, ताला – चाबी बनाने वाले,मूर्तिकार आदि शामिल है। अश्विन वैष्णव ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में इन वर्गों का महत्वपूर्ण स्थान है और इन्हें नया आयाम देते हुए मंत्री मंत्रिमंडल ने विश्वकर्मा योजना को मंजूरी दी है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया था संकेत
अश्विन वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लालकिला की प्राचीर से इस योजना का संकेत दिया था।केंद्रीय मंत्री अश्विन वैष्णव ने बताया इसमें इस बात पर ध्यान दिया जाएगा कि इन वर्गों का किस तरह से अधिक कौशल विकास होगा। नए प्रकार के उपकरणों एवं डिजाइन की जानकारी मिले। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उपकरणों की खरीद में भी मदद की जाएगी। इसके तहत दो प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम होगा जिसमें पहला बड़ी और दूसरा एडवांस होगा।इसे करने वालों को मानदेय भी मिलेगा।
₹1 लाख तक का दिया जाएगा कर्ज
केंद्रीय मंत्री केंद्रीय वैष्णव ने बताया कि इस योजना के तहत प्रथम चरण में ₹1 लाख तक का कर्ज दिया जाएगा जिस पर रियायती ब्याज (अधिकतम 5%) देय होगा।इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल से पीएम ई बस सेवा को भी मंजूरी दी गई है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत 57,613 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे, साथ ही उन्होंने बताया कि देश भर में लगभग 10,000 नई इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। नगरी बस परिचालन को बढ़ाने के लिए यह योजना लाई गई है।इन ई बसों का ट्रायल 100 शहरों में होगा।इसमें उसे प्राथमिकता दी जाएगी जहां व्यवस्थित परिवहन सेवा की कमी है। यह राशि 10 वर्षों में खर्च की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार 20 हजार करोड़ रुपए देगी तथा शेष राशि राज्यों को देंनी होगी।देश में 30 लाखसे 40 लाख की आबादी वाले 169 स
सहर है ऐसे में इस कार्यक्रम के लिए चलेंगे मोड पर 100 सहरों का चयन किया जाएगा।
डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के विस्तार को मंजूरी
केंद्रीय केबिनेट ने भारतीय रेलवे की सात मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। साथ ही डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के विस्तार को भी मंजूरी दी है। इसके तहत आईटी से जुड़ लोगों को स्किल ट्रेनिंग मिलेगी ।मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की कोशिश है कि दूरदराज के लोगों को फायदा मिले।ऐसे में नेशनल सुपर कंप्यूटिंग पर काम होगा और साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में और काम होगा। साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।इसके अलावा एआई के 3 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे।
