MCD Mayor Election:नारेबाजी, हाथापाई, कुर्सियां भी चली, AAP-BJP पार्षदो के हंगामें के बाद नहीं हो सका मेयर का चुनाव

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में नगर निगम चुनाव के बाद आज मेयर पद का चुनाव होना था। लेकिन आम आदमी पार्टी और भाजपा के पार्षदों के बीच मारपीट और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए नियुक्त पीठासीन अधिकारी और भाजपा पार्षद सत्या शर्मा ने कहा, एमसीडी सदन की बैठक दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई है। अगली तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी

हंगामे के बीच कई पार्षदों को चोटें भी आई

सदन में आज भाजपा और आम आदमी पार्टी के सांसदों के बीच जमकर हंगामा हुआ और नारेबाजी हुई। दोनों पार्टियों के पार्षदों में कुर्सियां भी चलीं। बात नारेबाजी तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि ये पूरा विवाद हाथापाई और मारपीट तक पहुंच गया। इस दौरान कई पार्षदों को चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि मनोनीत सदस्यों को पहले शपथ दिलाने को लेकर हंगामा हुआ।

आप पार्षदों ने की पहले चुने हुए पार्षदों को शपथ दिलाने की मांग

जैसे ही उपराज्यपाल द्वारा घोषित पीठासीन अधिकारी भाजपा की सत्य शर्मा ने शपथ ग्रहण की और उसके बाद उप राज्यपाल द्वारा मनोनीत 10 पार्षदों के शपथ ग्रहण का सिलसिला शुरू हुआ, वैसे ही आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की ओर से नारेबाजी शुरू हो गयी। उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि पहले चुने हुए पार्षदों का शपथ ग्रहण होना चाहिए। देखते ही देखते भाजपा के पार्षदों की ओर से भी नारेबाजी शुरू हो गयी। यह नारेबाजी हंगामा और मारपीट में तब्दील हो गई। मार्शल और सुरक्षा अधिकारी सदन में मौजूद पार्षदों को एक दूसरे से बचाने में जुट गए।

आप ने पहले मनोनीत सदस्यों को शपथ दिलाने की मांग की

आम आदमी पार्टी का आरोप है कि पहले कभी भी ऐसा नही हुआ। सबसे पहले मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाई गई। इसी बात को लेकर आज मेयर चुनाव से पहले आप और भाजपा पार्षद एमसीडी सदन में भिड़े।

आम आदमी पार्टी के पास 134 पार्षद

गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने 4 दिसंबर को हुए एमसीडी चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के 15 साल के लंबे शासन को समाप्त कर दिया। आम आदमी पार्टी,जिसने 134 सीटों के साथ दिल्ली नगर निगम का चुनाव जीता है। आम आदमी पार्टी के पास एमसीडी के सदन में बहुमत है, ये जानते हुए भी भाजपा ने अपना मेयर उम्मीदवार उतारा है। आम आदमी पार्टी नंबर गेम में भाजपा से बहुत आगे है। मेयर के चुनाव में 273 सदस्य वोट डालेंगे। बहुमत के लिए 133 का आंकड़ा चाहिए। आप के पास 134 पार्षद हैं। इसके अलावा 3 राज्यसभा सांसद और 13 विधायक हैं। वहीं, भाजपा के पास 7 सांसद और 1 विधायक मिलाकर कुल 113 वोट हैं।

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