बीरेंद्र कुमार झा
मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने का वीडियो सामने आने के बाद जहां एक और देश भर में आक्रोश का माहौल है,वहीं अब हिंसाग्रस्त राज्य से एक और महिला के साथ दरिंदगी की खबर सामने आ रही है। चूराचांदपुर जिला की एक विवाहित महिला ने आरोप लगाया कि 3 मई को अपने जलते हुए घर से भागते समय पुरुषों के एक समूह ने उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था।
9 अगस्त को पुलिस में मामला दर्ज
पुलिस के मुताबिक इस संबंध में 9 अगस्त को विष्णुपुर महिला थाने में प्राथमिक की दर्ज की गई और बाद में इसे आगे की जांच के लिए चुराचांदपुर थाने में स्थानांतरित कर दिया गया। प्राथमिकी के मुताबिक चुराचंदपुर जिला के खुमुजांबा मैतेई लेइकाई में कुकी समुदाय के कुछ अज्ञात पुरुषों ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था।पीड़ित महिला की ओर से पुलिस को दिए गए बयान के अनुसार 3 मई को शाम 6:30 बजे के आसपास कुकी समुदाय के उपद्रवियों के एक समूह ने महिला के घर सहित कई घरों में आग लगा दी। अफरा- तफरी के बीच महिला ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने प्राथमिक की के हवाले से बताया कि हालांकि लगभग आधा किलोमीटर तक भागने के बाद महिला को कुछ लोगों ने रोका और उसका यौन उत्पीड़न किया। मणिपुर में जनजाति हिंसा की दो महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने और उसके साथ छेड़छाड़ करने का एक वीडियो सामने आने के बाद एक और महिला के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आने से राज्य में तनाव और बढ़ गया है।
जनजातीय छात्रों ने निकाली रैली
मणिपुर में पिछले 100 दिन से जाती हिंसा के बीच जॉनी स्टूडेंट्स फेडरेशन कुकी स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन और हमारे स्टूडेंट एसोसिएशन के संयुक्त छात्र निकाय ने गुरुवार को मणिपुर के चुरा चांदपुर में एक रैली निकाली। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि छात्रों ने हिंसा को रोकने के लिए ग्राम रक्षा गार्ड द्वारा किए गए प्रतिरोध की सराहना की।
आदिवासियों को श्रद्धांजलि देने के लिए निकाली गई रैली
जोमि स्टूडेंट फेडरेशन के एक सदस्य ने कहा कि यह दिन हमलावरों से लड़ने वाले आदिवासियों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया गया। आदिवासी तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जबतक कि उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती है और एक अलग प्रशासन का गठन नहीं हो जाता है।उन्होंने कहा कि अलग प्रशासन की मांग 1960 के दशक से चली आ रही है।आदिवासी अवैध आप्रवासी नहीं है,जैसा कि कुछ राजनेता दावा करते हैं। छात्र संगठन ने कहा कि जाति संघर्ष में मारे गए आदिवासियों के सम्मान में 1 मिनट का मन भी रखा गया। संस्था ने 27 जुलाई को राज्यपाल अनुसुइया उनके कोई विज्ञापन सौंप कर राज्य में जारी हिंसा से प्रभावित कुकी जोमी विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए आवश्यक उपाय करने की मांग की थी।
मणिपुर के 40 विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा पत्र
आदिवासी छात्रों के प्रति भेदभाव का आरोप लगाते हुए छात्र संगठन ने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की थी। इस बीच हिंसा प्रभावित मणिपुर के 40 विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि राज्य में शांति और सुरक्षा का माहौल बनाने के लिए पूर्ण निरस्त्रीकरण की आवश्यकता है। इन विधायकों में से अधिकांश मैतेई समुदाय के हैं। विधायकों ने उग्रवादी समूहों के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन समझौते को वापस लेने, राज्य में एनआरसी लागू करने और जिला परिषदों को मजबूत करने की भी मांग की ज्ञापन में इन विधायकों ने कुकी समुदाय की अलग प्रशासन की मांग का विरोध किया।
3 मई से हिंसा की आग में जल रहा मणिपुर
मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मैतेई समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में 3 मई को आदिवासी एकजुटता मार्च के आयोजन के बाद राज्य में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है ।पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर की आबादी में मैतेई समुदाय के लोगों की जनसंख्या लगभग 53% है और ये मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहते हैं, वहीं नगा और कुकी आदिवासियों की आबादी 40% है और वे ज्यादातर पर्वतीया जिलों में रहते हैं।

