मणिपुर में हिंसक झड़पों के बीच आज राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश किया !

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न्यूज़ डेस्क 
मणिपुर के पश्चिमी कांगपोकपी इलाके में फिर हुई हिंसक झड़प में इलाके में तैनात एक पुलिसकर्मी की जान चली गयी और करीब 10 लोग घायल हो गए हैं। उसके बाद आज फेयेंग और सिंगदा गांवों से गोली चलने की आवाज सुनी गईं।रविवार रात से ही कई इलाकों से लगातार गोली चलने की आवाज आ रही है। इस कारण यहां के आम लोगों में डर का माहौल है। बता दें कि असम राइफल्स दोनों गांवों के बीच एक बफर जोन का प्रबंधन करती है। संबंधित अधिकारियों ने दोनों पक्षों की ओर से और अधिक लोगों के हताहत होने की संभावना से इनकार नहीं किया और कहा कि गोलीबारी जब पूरी तरह ख़त्म होगी उसके बाद ही सही आकड़ों का पता लग पाएगा।
                 उधर आज मणिपुर में इंटरनेट बहाल करने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ एन बीरेन सिंह सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। शीर्ष कोर्ट ने इस मामले में सोमवार को सुनवाई की। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मणिपुर की स्टेटस रिपोर्ट पेश की। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि स्थिति सुधर रही है। इस समय किसी भी अफवाह से बचने की जरूरत है। कोर्ट ने इस  रिपोर्ट को कुकी समुदाय को सौंपी है और कल तक सकारात्मक सुझाव देने के लिए भी कहा है। इस मामले पर मंगलवार को भी सुनवाई होगी। उल्लेखनीय है कि मणिपुर में पिछले दो महीने से हिंसा की घटनाएं सामने आ रही है। इस वजह से राज्य में दो महीने से इंटरनेट पर भी बैन लगा हुआ है।
            मणिपुर में हो हिंसा और आगजनी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम कानून व्यवस्था अपने हाथ में नहीं ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह काम केंद्र और राज्य का है। राज्य में इंटरनेट बैन जारी रहेगा या नहीं, इस मामले में भी कल सुनवाई होगी। राज्य में हिंसा भड़कने के बाद 3 मई को इंटरनेट बैन किया गया था।
               मणिपुर में इंटरनेट बहाल करने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। राज्य सरकार ने दलील दी कि अभी स्थिति में बार-बार बदलाव हो रहा है। अभी इस आदेश पर अमल से मुश्किल हो सकती है। आपको बता दें कि मणिपुर हाईकोर्ट ने बीते सप्ताह 7 जुलाई को राज्य सरकार को आदेश दिया था कि इंटरनेट बैन आंशिक तौर पर हटा दिया जाए।
          सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मणिपुर हिंसा से संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए कहा कि शीर्ष अदालत के मंच का इस्तेमाल मणिपुर में तनाव को और बढ़ाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार ने ड्रग्स और अपराध को लेकर UN रिपोर्ट को भी रिकॉर्ड करने की मांग की है। ताकि जो मणिपुर में हो रहा है, उसे आसानी से समझा जा सके।

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