बीरेंद्र कुमार झा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों से दूरी बनाने का फैसला किया है। शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। इसके बाद अखिलेश ने कहा कि भगवा खेमे को हराने के लिए सपा मजबूती से टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के साथ खड़ी रहेगी।वहीं, ममता बनर्जी इसी मुद्दे पर 23 मार्च को ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक से भी मुलाकात करेंगी।
बीजेपी को यूपी की तर्ज पर पूरे देश में हराया जा सकता है
ममता से मुलाकात करने के बाद अखिलेश ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बंगाल में हम ममता दीदी के साथ हैं। हम बीजेपी और कांग्रेस दोनों से समान दूरी बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग बीजेपी वैक्सीन’ लगवा लेते हैं, उन्हें सीबीआई, ईडी या आईटी से कोई फर्क नहीं पड़ता है। संविधान की रक्षा के लिए समाजवादी पार्टी कोई भी बलिदान देने को तैयार है। अगर हम उत्तर प्रदेश में बीजेपी को हरा सकते हैं, तो पूरे देश में भाजपा को हराया जा सकता है।
पहले भी ममता की तारीफ कर चुके हैं अखिलेश
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीजेपी पर देश की संपत्ति को बेचने का आरोप भी लगाया। इससे पहले एक कार्यक्रम में अखिलेश 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए ममता की तारीफ कर चुके हैं।
अपनी जीत के लिए कांग्रेस को विपक्ष का चेहरा बनाना चाहती है बीजेपी
टीएमसी सांसद सुदीप बंद्दोपाध्याय ने एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए कहा कि बीजेपी विदेश में दिए राहुल गांधी के एक बयान को लेकर संसद में हंगामा कर रही है। जब तक राहुल गांधी माफी नहीं मांगते, तब तक बीजेपी संसद चलने नहीं देगी। मतलब साफ है कि वे कांग्रेस का इस्तेमाल कर संसद नहीं चलने दे रहे हैं। बीजेपी चाहती है कि राहुल गांधी विपक्ष का चेहरा बनें, जिससे बीजेपी को मदद मिले।
टीएमसी सांसद बोले- कांग्रेस विपक्ष का बिग बॉस नहीं
टीएमसी सांसद ने कहा कि यह सोचना भ्रम है कि कांग्रेस विपक्ष का ‘बिग बॉस’ है। ममता बनर्जी 23 मार्च को नवीन पटनायक से मुलाकात करेंगी। हम अन्य विपक्षी दलों से भी बीजेपी और कांग्रेस दोनों से दूरी बनाने के लिए बात करेंगे। उन्होंने कहा कि हम यह नहीं कह रहे हैं कि यह तीसरा मोर्चा है, लेकिन क्षेत्रीय दलों के पास बीजेपी का मुकाबला करने का ताकत है।