न्यूज़ डेस्क
मराठा आंदोलन को धार देने वाले मनोज जारंगे की मुश्किलें बढ़ती ज रही है। बीजेपी नेता आशीष शेलार की मांग के बाद विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मनोज जरांगे की अगुवाई वाले मराठा आंदोलन की एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं। अब इस जांच से जरंगे की परेशानी बढ़ सकती है।
स्पीकर राहुल नार्वेकर ने गृह विभाग को मनोज जरांगे के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा, लोकतंत्र में हिंसा या भड़काऊ भाषण का कोई स्थान नहीं है। इसके लिए सरकार को उचित कदम उठाने चाहिए। नार्वेकर ने कहा, सरकार को इसकी गंभीरता को ध्यान में रखते हुए इसकी गहन जांच एसआईटी से करानी चाहिए।
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता जरांगे ने उपमुख्यमंत्री फडणवीस पर उन्हें जान से मारने की कोशिश करने का आरोप लगाया। बीजेपी विधायक आशीष शेलार ने आज विधानसभा में जारंगे के आरोपों को गंभीर बताते हुए गहन जांच की मांग की।
मनोज जरांगे ने बीजेपी नेता फडणवीस पर रविवार को बेहद गंभीर आरोप लगाये।
जरांगे ने फडणवीस के लिए ओछी भाषा का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने फडणवीस पर उनकी हत्या की कोशिश करने का आरोप लगाया। इसके बाद राज्य में कई जगहों पर मराठा प्रदर्शनकारियों ने हिंसक प्रदर्शन किया था। राज्य परिवहन की एसटी बस में आग लगा दी। जिसके बाद राज्य सरकार एक्शन मोड में आ गयी।
कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जालना जिले के अंबड तालुका में कर्फ्यू लगा दिया गया। छत्रपति संभाजीनगर, जालना और बीड जिलों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। सैकड़ों मराठा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। पहली बार पुलिस ने मनोज जरांगे पाटिल के खिलाफ मामला दर्ज किया और उनके सहयोगियों की धरपकड़ की।
पुलिस ने मनोज जरांगे पाटील के खिलाफ बीड में दो मामले दर्ज किये है। बिना अनुमति के समर्थकों के विरोध प्रदर्शन करने और सड़क बंद करने के लिए जरांगे के खिलाफ बीड के शिरूर और अमनेर में केस दर्ज किया गया।
विधानसभा में फडणवीस ने कहा, स्पीकर नार्वेकर ने मनोज जरांगे के आंदोलन की जांच एसआईटी से कराने के आदेश दिए हैं. इसका पालन अवश्य किया जायेगा। मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता था। लेकिन यहां यह मुदद उठा है तो मुझे बोलना पड़ेगा। मराठा समुदाय और महाराष्ट्र की जानता को पता है कि मैंने मराठा समुदाय के लिए क्या किया है। जब मैं मुख्यमंत्री था तो मैंने आरक्षण दिया और हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में इसका बचाव किया। छात्रवृत्ति दी.. कर्ज दिया। मराठा समाज को लेकर मुझे किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। मनोज जरांगे ने मेरे खिलाफ बोला तो मराठा समुदाय मेरे साथ खड़ा था, उनके (जरांगे) साथ नहीं।
डिप्टी सीएम ने कहा, छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम लेना और बाद में अपशब्द कहना… क्या सही है? मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है। लेकिन हमें ये पता लगाना होगा कि इन सबके पीछे कौन है। पत्थरबाजी कैसे हुई.. जालना में लाठीचार्ज से पहले मनोज जरांगे को कौन वापस लाया? घर पर उनसे कौन मिला? पथराव करने के लिए किसने कहा? यह सारी साजिश सामने आ रही है।”

