न्यूज़ डेस्क
मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ सिसौली में दस फरवरी को एक बार फिर से किसानों की महापंचायत बैठ रही है। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने किसानो का आह्वान किया है और कहा है कि इस महापंचायत में अधिक से अधिक किसानो को आने की जरूरत है। सभी किसान डंडा में झंडा लगाकर पंचायत में पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर किसान अभी भी सतर्क नहीं हुए तो भविष्य बर्बाद होगा। बीजेपी सरकार किसानो को दो भागों में तैयारी कर रही है और अगर इसमें वह सफल हो गई तो फिर किसान कही के नहीं रहेंगे।
टिकैत ने कहा कि मोदी सरकार ने कहा था कि किसानो की आय दोगुनी हो जाएगी। फसलों के वाजिब दाम मिलेंगे नहीं आज तक संभव नहीं हो पाया। टिकैत ने यह भी कहा कि किसान बार -बार अपनी मांगों को लेकर सरकार के पास जाते हैं लेकिन सरकार को लगता है कि हम उनसे भीख मांग रहे हैं। अगर इस बार हमारी मांग नहीं मानी गई तो इसके परिणाम कुछ और भी हो सकते हैं। इसलिए अब किसानो को लम्बी लड़ाई के लिए तैयार होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पंचायत की सफलता के लिए पहले सबको एक साथ खड़ा होने की जरूरत है। किसानो को खाने की व्यवस्था के लिए हर गांव से भंडारे का आयोजन महापंचायत के पास करना है। यह लड़ाई लम्बी चलेगी।
बता दें कि किसानो का धरना मुज़फ़्फ़रनगर इंटर कॉलेज में चल रहा है। यह किसानो का अनिश्चितकालीन धरना है। इस धरने में काफी संख्या में लोग जुड़ रहे हैं। बच्चे और महिलाये भी साथ आ रही है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि बड़ी संख्या में स्थानीय नेताओं की हुजूम भी यहां पहुँच रहा है और किसानो की मांग पर अपनी सहमति जाता रहा है।
नरेश टिकैत ने कहा कि संघ का खेल निराला है। संघ प्रमुख भागवत जाति और धर्म के नाम पर लोगो को लड़ाना चाहते हैं। अगर यही सब होता रहा तो फिर इस देश का क्या होगा ?टिकैत ने कहा इस बार कई राज्यों के किसान यहां पहुंच रहे हैं। अगर हम सब एक हो गए तो सरकार को हमारी बात माननी होगी। और इस बार फिर हम सरकार को बता देंगे कि किसानों की ताकत कितनी होती है।

