बिहार में मिली एक करोड़ रुपये में बिकने वाली छिपकली, जानें इसकी खासियत और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत

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पटना (बीरेंद्र कुमार): बिहार के पूर्णिया जिला में पुलिस ने ऐसी छिपकली जब्त किया है,जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 1 करोड़ बताया जा रहा है। यह छिपकली टोकाय गेयको के नाम से जानी जाती है। पूर्णिया पुलिस ने इस छिपकली के साथ 5 लोगों को भी गिरफ्तार किया है। छिपकली को तस्करी के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर इस छिपकली को दवा की दुकान से बरामद किया है। पुलिस ने छिपकिली के साथ कोडीन युक्त कफ सीरप भी जब्त किया।

मर्दानगी बढ़ाने में प्रयुक्त होती है छिपकली

पूर्णिया के एसडीपीओ ने बताया कि पूर्णिया पुलिस ने टोकाय गेयको नामक यह छिपकली को पकड़ा है जब किया है उसे पश्चिम बंगाल के करंडीघी से लाया जा रहा था। तस्कर इस छिपकीली को दिल्ली ले जाकर अंतर्राष्ट्रीय तस्कर गिरोह को सोपने वाले थे,लेकिन बीच में ही पकड़े गए। पुलिस जल्दी ही इस गिरोह का पर्दाफाश करने की बात कह रही है। बताया जा रहा है कि इस छिपकली का उपयोग मर्दानगी बढ़ाने वाली दवाओं के निर्माण में होता है। इसके मांस से नपुंसकता डायबिटीज एड्स और कैंसर की परंपरागत दवाइयां बनाई जाती है।

कहां पाए जाते हैं टोकाय गेयको नामक यह छिपकली ?

टोकाय गेयको एक दुर्लभ प्रजाति की छिपकली है, जो ‘ टॉक- के’ जैसी आवाज निकालती है, जिसके कारण इसे टोके गेको कहा जाता है। यह छिपकली दक्षिण पूर्वी एशिया, बिहार ,इंडोनेशिया बांग्लादेश, पूर्वोत्तर भारत, फिलीपींस तथा नेपाल में पाई जाती है। जंगलों की लगातार कटाई होने के कारण हालांकि अब यह प्रजाति विलुप्त के कगार पर पहुंच चुकी है।

 

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