जातीय गणना के विरोध में उपेंद्र कुशवाहा का प्रदर्शन, नीतीश पर कुशवाहा समाज की आबादी कम दिखाने का आरोप

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विकास कुमार
बिहार में जाति गणना के आंकड़े जारी होने के बाद पहली बार एक पार्टी ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय लोक जनता दल के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने जाति गणना के आंकड़ों पर सवाल उठाया है। उन्होंने जाति गणना के खिलाफ राजभवन तक मार्च निकाला। वहीं इस मौके पर उपेंद्र कुशवाहा ने जाति गणना के आंकड़े पर कई तरह के सवाल खड़े किए। कुशवाहा ने कहा कि कई जगहों पर ये सुनने को मिला है कि उनके यहां अधिकारी गए ही नहीं तो उनकी गणना कैसे हो गई। कुशवाहा ने सामाजिक आर्थिक सर्वे पर भी सवाल खड़ा हो गया। कुशवाहा का दावा है कि राजनीतिक फायदे के लिए किसी वर्ग विशेष के आंकड़े को बढ़ाकर पेश किया गया हैं

वहीं उपेंद्र कुशवाहा के हमले पर जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने पलटवार किया है। नीरज कुमार ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा को सम्राट अशोक के प्रतीक के अपमान का मुद्दा उठाना चाहिए,क्योंकि अशोक स्तम्भ की प्रतीक वाली थाली में मोदी ने विदेशी मेहमानों को खाना खिलाया । नीरज कुमार ने कहा कि लोकसभा में भी अशोक स्तम्भ की जगह सेंगोल को स्थापित कर दिया गया।

कुशवाहा समाज सम्राट अशोक को अपनी जाति का सबसे बड़ा गौरव मानते हैं,इसलिए नीरज कुमार ने कुशवाहा के प्रदर्शन पर सम्राट अशोक के प्रतीक के अपमान का मुद्दा उठा दिया है,हालांकि बिहार के कुशवाहा समाज का मानना है कि जाति गणना में उनकी संख्या को काफी कम करके दिखाया गया है। इसलिए कुशवाहा समाज जो परंपरागत तौर पर नीतीश कुमार का समर्थक रहा है उसने विरोध का बिगुल बजा दिया है,जिसका सीधा खामियाजा नीतीश कुमार को ही उठाना पड़ेगा।

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