Kolkata Puja Pandal Accident: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा मंडप में हुए हादसे के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है। सप्तमी की शाम पूजा पंडाल में अफरा-तफरी मचने के बाद सामने आए ताजा बयान के मुताबिक, अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। एक व्यक्ति की हालत गंभीर बताई गई है, जबकि 25 लोग अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।
प्रशासन के अनुसार, मृतकों के शवों का नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अब तक नौ शव उनके परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से राहत, उपचार और जांच से जुड़ी कार्रवाई की जा रही है।
CCTV फुटेज के आधार पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि घटना के समय कोलकाता पुलिस ने घटनास्थल का CCTV फुटेज अपने कब्जे में ले लिया था। फुटेज में नजर आने वाले लोगों और भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे कर्मियों की भूमिका की जांच की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि ड्यूटी में लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों से मुलाकात की
चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इससे कोई लाभ नहीं होगा। उन्होंने अतीत में हुई ऐसी घटनाओं और उस समय की सरकार की भूमिका का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, उन्होंने मृतकों के परिवारों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की है। उन्होंने दावा किया कि पीड़ित परिवारों ने सरकार पर भरोसा जताया है।
PMO ने मांगी थी रिपोर्ट, केंद्र और राज्य सरकार साथ
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मुख्य सचिव से घटना पर रिपोर्ट मांगी थी, जिसे सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पीड़ित परिवारों के लिए राहत और मुआवजे की घोषणा की है। उनके अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार इस मामले में मिलकर काम कर रही हैं।
बारिश के दौरान धक्का-मुक्की की आशंका
प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से पहले सामने आई जानकारी के मुताबिक, शाम को बारिश शुरू होने के बाद पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच बारिश से बचने और निकलने की कोशिश में धक्का-मुक्की हुई थी। इसी दौरान हालात बिगड़ने की बात कही जा रही है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
घटना के बाद पुलिस और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और पंडाल में प्रवेश रोकने की सूचना सामने आई थी। प्रशासन की जांच में अब भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की भूमिका अहम होगी।

