Homeदेशखड़गे ने कहा संसद भवन परिसर में महापुरुषों की मूर्तियों का स्थानांतरण...

खड़गे ने कहा संसद भवन परिसर में महापुरुषों की मूर्तियों का स्थानांतरण लोकतंत्र की मूल भावना का उल्लंघन है 

Published on

न्यूज़ डेस्क 
 संसद भवन परिसर में महापुरुषों की प्रतिमाओं के स्थानानतरण को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा है कि बिना किसी परामर्श के मनमाने ढंग से इन मूर्तियों को हटाना हमारे लोकतंत्र की मूल भावना का उल्लंघन है।पूरे संसद भवन में लगभग 50 ऐसी मूर्तियां या आवक्ष प्रतिमाएं हैं।

उन्होंने कहा है कि संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर समेत कई महान नेताओं की मूर्तियों को उनके प्रमुख स्थानों से हटा कर एक अलग कोने में स्थापित कर दिया गया है। 

बता दें कि उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने रविवार को संसद भवन परिसर में प्रेरणा स्थल का लोकार्पण किया था । इसके अंतर्गत महापुरुषों की प्रतिमा को एक स्थान पर सम्मानपूर्वक तरीके से स्थापित किया गया है। इनमें महात्मा गांधी, लाला लाजपत राय, बिरसा मुंडा, डॉ भीमराव अंबेडकर, महाराणा प्रताप, शिवाजी महाराज समेत कई महापुरुषों की प्रतिमाएं शामिल हैं।

इस पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि महात्मा गांधी और डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर समेत अन्य प्रमुख नेताओं की प्रतिमाएं विचार-विमर्श के बाद उचित स्थानों पर स्थापित की गईं थी। प्रत्येक प्रतिमा और संसद भवन परिसर में उनका स्थान महत्व रखता है।

खड़गे ने कहा कि पुराने संसद भवन के ठीक सामने स्थित ध्यान मुद्रा में महात्मा गांधी की प्रतिमा भारत की लोकतांत्रिक राजनीति के लिए अत्यधिक महत्व रखती है। यह वह स्थान है, जहां सदस्य अक्सर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन करते थे। डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा भी एक सुविधाजनक स्थान पर रखी गई थी, जो यह संदेश देती है कि बाबासाहेब सांसदों की पीढ़ियों को भारत के संविधान में निहित मूल्यों और सिद्धांतों को दृढ़ता से बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, संयोग से, 60 के दशक के मध्य में अपने छात्र जीवन के दौरान, मैं संसद भवन के परिसर में बाबासाहेब की प्रतिमा स्थापित करने की मांग में सबसे आगे था। इस तरह के ठोस प्रयासों के परिणामस्वरूप अंतत: डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की प्रतिमा स्थापित की गई। यहां बाबासाहेब की प्रतिमा पर उनके जन्म और मृत्यु की वर्षगांठ पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वाले लोगों की निर्बाध आवाजाही में भी सुविधा थी। यह सब अब मनमाने और एकतरफ़ा तरीके से ख़त्म कर दिया गया है।

खड़गे ने कहा कि संसद भवन परिसर में राष्ट्रीय नेताओं और सांसदों के चित्रों और मूर्तियों को स्थापित करने के लिए एक समिति है, इसमें दोनों सदन के सांसद शामिल होते हैं। लेकिन 2019 के बाद से समिति का पुनर्गठन नहीं किया गया है। संबंधित हितधारकों के साथ उचित चर्चा और विचार-विमर्श के बिना किए गए ऐसे निर्णय हमारी संसद के नियमों और परंपराओं के खिलाफ हैं।

वहीं प्रेरणास्थल के उद्घाटन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संसद भवन परिसर के अंदर 15 महापुरुषों एवं महान स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाएं स्थापित हैं और उनका देश के इतिहास, संस्कृति एवं स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

Latest articles

बंगाल बीजेपी में सुवेंदु अधिकारी और अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष के बीच वार – पलटवार

बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की 'सबका साथ, सबका विकास' की...

बांग्लादेश के युवा आखिर किस तरह के आरक्षण का हिंसक विरोध कर रहे हैं ?

न्यूज़ डेस्कबांग्लादेश अचानक हिंसा की चपेट में आ गया है। इस बारे बांग्लादेश के...

पीएम मोदी कहा 2075 तक भारत अमेरिका को पछाड़ देगा !

न्यूज़ डेस्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश आर्थिक उन्नति और बुनियादी ढांचे के...

यूपी सरकार के कावड़ यात्रा मार्ग पर ढाबो के मालिकों के नेम प्लेट लगाने के आदेश से जयंत चौधरी हुए अलग 

न्यूज़ डेस्क कांवड़ यात्रा मार्ग पर होटलों और ढाबों पर उनके मालिकों के नेम प्लेट...

More like this

बंगाल बीजेपी में सुवेंदु अधिकारी और अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष के बीच वार – पलटवार

बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की 'सबका साथ, सबका विकास' की...

बांग्लादेश के युवा आखिर किस तरह के आरक्षण का हिंसक विरोध कर रहे हैं ?

न्यूज़ डेस्कबांग्लादेश अचानक हिंसा की चपेट में आ गया है। इस बारे बांग्लादेश के...

पीएम मोदी कहा 2075 तक भारत अमेरिका को पछाड़ देगा !

न्यूज़ डेस्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश आर्थिक उन्नति और बुनियादी ढांचे के...