बीरेंद्र कुमार झा
कनाडा से आया एक विडियो इस समय यहां तेजी से वायरल हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 8 जुलाई को टोरंटो में भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर खालिस्तानी समर्थकों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान भारतीय समुदाय के लोग तिरंगा लेकर भारत के समर्थन में वहां पहुंच गए और खालिस्तान समर्थकों को करारा जवाब दिया।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर आतंकवादी तत्वों को स्थान नहीं
गौरतलब है कि भारत ने कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिकाऔर ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में खालिस्तानी तत्वों की गतिविधियों के बढ़ने एवं हिंसक घटनाओं को अस्वीकार्य करार देते हुए पिछले दिनों कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर आतंकवादी तत्वों का स्थान नहीं दिया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने भारतीय राजनयिकों को लेकर धमकी भरे पोस्टर एवं दुतावधों के समक्ष हिंसक प्रदर्शनों की घटनाओं पर आपत्ति जताई थी।विदेश मंत्रालय ने कहा कि दूसरे देशों में अपने राजनयिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेजबान देशों से वियेना संधि के अनुरूप दूतावासों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की उम्मीद की जाती है।
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन टूटू ने क्या कहा
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही भारत ने नई दिल्ली में कनाडा के उच्चायुक्त को तलब किया था और कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों की बढ़ती गतिविधियों पर एक आपत्ति पत्र जारी किया था।वहीं कनाडा के प्रधानमंत्री ने जस्टिन टूटू ने उस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि उनके देश में आतंकवाद के खिलाफ हमेशा गंभीर कदम उठाया जाता है और भविष्य में भी ऐसा देखने को मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा था कि यह मानना गलत है की उनकी सरकार खालिस्तानी समर्थकों और आतंकवादियों के खिलाफ नरम रुख अपना रही है।
खालिस्तान समर्थकों की धमकी भरे पोस्टर एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या से जुड़ी झांकी निकाले जाने की घटना पर कनाडा के प्रधानमंत्री सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उनका देश विविधताओं से भरा है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाए रखने के साथ हम हिंसा और उसके सभी स्वरूपों में चरमपंथ को हतोत्साहित करेंगे।
