बीरेंद्र कुमार झा
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन टुडो खालिस्तानियों के इतने दबाव में है कि वह अपने देश की अर्थव्यवस्था की भी चिंता नहीं कर पा रहे हैं और भारत पर निराधार बेतुके आरोप लगा रहे हैं ।रिपोर्ट्स की माने तो दोनों देशों के संबंध खराब होने से आर्थिक स्तर पर कनाडा को बड़ा नुकसान होने वाला है। टुडो सरकार के समर्थन की वजह से कनाडा आतंक की फैक्ट्री बन रहा है। भारत की सख्ती के बीच दुनिया भर में भारत विरोधी एजेंडा चलाने के लिए कनाडा केंद्र बन गया है। कनाडा की दोनों राजनीतिक पार्टियों में भी खालीस्तानियों की घुसपैठ है। वही रिपोर्ट यह भी बताती है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत विरोधी एजेंडा के लिए वाहन बड़ा फंडिंग करती है।
भारतीय छात्रों को जाल में फसाते हैं खालिस्तानी
कनाडा में भारत की एक बड़ी आबादी रहती है। बहुत सारे छात्र भी पढ़ाई के लिए कनाडा जाते हैं।खालिस्तानियों की इन पर नजर रहती है। इमीग्रेशन के नाम पर खालिस्तानी इन छात्रों से मोटी रकम वसूलते हैं और उसका इस्तेमाल भारत विरोधी एजेंडा के लिए करने लगते हैं। इसके अलावा जो छात्र भारत वापस नहीं लौटना चाहते हैं। उनका भी इस्तेमाल ये खालिस्तानी करते हैं। गौरतलब है कि भारतीय दुतावासों पर प्रदर्शन के दौरान कई बार युवा भी खालिस्तानियों के साथ दिखाते हैं।ये वही छात्र हैं जिन्हें खालिस्तानियों ने बरगलाकर रास्ते से भटका दिया है।i इन दिनों खालिस्तानी भारत विरोध के लिए इनका इस्तेमाल करने लगे हैं।
खालिस्तानी अब जस्टिन टुडो के कंट्रोल से बाहर
खुफिया सूत्रों का यह भी कहना है कि खालिस्तानी अब जस्टिन टुडो के कंट्रोल से बाहर है ।नई दिल्ली में पीएम मोदी और जस्टिन टुडो की द्विविपक्षीय बातचीत के बाद भी कनाडा में खालिस्तानी बौखलाए हुए थे। उन्होंने रैली निकाली और भारत विरोधी एजेंडा चलाया।कनाडा की सरकार से खालिस्तानी कनाडा में भारतीय दूतावास को बंद करने तक की मांग कर रहे हैं। हाल यह है कि भारत ने जिस गुज्जर को आतंकी घोषित किया था, उसे प्रत्यर्पित करने के बजाय कनाडा भारत पर उसकी हत्या का आरोप लगाने लगा है।
टुडो की नाक के नीचे पल रहे आतंकी समूह
कनाडा में 4 बड़े आतंकी समूह पल रहे हैं। इसमें वर्ल्ड सिख ऑर्गेनाइजेशन ,खालिस्तान टाइगर फोर्स, सिख फॉर जस्टिस और बब्बर खालसा इंटरनेशनल शामिल है। यह सभी पाकिस्तान प्रायोजित भारत विरोधी एजेंडा चलाते रहते हैं ।इन्हें पाकिस्तान से फंडिंग भी मिलती है ।भारत ने कई बार वांटेड गैंगस्टरों और आतंकियों के निर्वासन का मुद्दा उठाया लेकिन कनाडा हमेशा इसपर चुप्पी साध लेता है।गौरतलब है कि कनाडा में आतंकी समूह के समर्थन करने वाले कई अलगाववादी संगठन एक्टिव है । आईएसआई के साथ मिलकर भारत के खिलाफ साजिश रचने वालों को कनाडा में पनाह मिल रही है।

