झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की के रूप में संजय कुमार मिश्र ने सोमवार को शपथ ली राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें राजभवन के बिरसा मंडप में शपथ दिलाई इस समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी उपस्थित थे शपथ ग्रहण करने के बाद चीफ जस्टिस ने कहा कि गरीब तबके के लोगों और पिछड़ों को न्याय दिलाना मेरी प्राथमिकता रहेगी।
पुराने केसों को देंगे महत्व
न्याय व्यवस्था को लेकर एक अंग्रेजी कहावत है जस्टिस डिलेड इस जस्टिस डिनाइड। झारखंड के नवनियुक्त चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र ने इस कहावत को पूरी गंभीरता से लिया है। आमतौर पर अदालतों में पुराने लंबित केसों की संख्या दिन- प्रतिदिन बढ़ती चली जा रही है। इसका खामियाजा लोगों को कई रूप में भुगतना पड़ता है। खासकर लोग पुराने कई छोटे मामले को भूल जाते हैं। फिर कई वर्षों के बाद जब उनके नाम अचानक वारंट निकल जाता है तो उन्हें जेल जाना पड़ता है। इससे उसके परिवारिक और सामाजिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ता है। न्यायालय में केस के लंबित पड़े रहने की स्थिति में वादी और प्रतिवादी के बीच तनाव भी बढ़ता रहता है। ऐसे में शपथ ग्रहण करने के साथ ही चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र का इस बात पर जोर देना कि वह पुराने केस को निपटाने में ज्यादा ध्यान देंगे,काफी महत्वपूर्ण है।

कौन है संजय कुमार मिश्र
झारखंड के नए मुख्य न्यायधीश संजय कुमार मिश्र मूल रूप से ओडिशा के निवासी है। इनका जन्म 29 दिसंबर 1961 को हुआ। 1982 में बोलांगीर राजेंद्र कॉलेज से बीकॉम ऑनर्स की डिग्री लेने के बाद उन्होंने 1987 में दिल्ली विवि से एलएलबी की उपाधि हासिल की। मार्च 1988 से पिता मार्कंडेय मिश्रा के मार्गदर्शन में वकालत शुरू की।
इसके बाद जिला न्यायाधीश की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। 1999 में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयपुर नियुक्त हुए। इसके बाद ओडिशा हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रहे। वर्ष 2009 में उन्हें ओडिशा हाई कोर्ट का न्यायाधीश बनाया गया। 2021 में उनका स्थानांतरण उत्तराखंड हाई कोर्ट में हुआ।

