विधायक जेपी पटेल पर चलेगा दल-बदल का मामला,सीता सोरेन से मांगी गयी इस्तीफे की हार्ड कॉपी

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इस बार हो रहे लोक सभा चुनाव में दलबदलुओं की संख्या में भारी इजाफा देखने को मिल रहा है।किसी को अपनी पार्टी से टिकट नहीं मिलने का डर था तो किसी को कद छोटा होने का।लिहाजा जैसे ही मौका मिला दल ही बदल लिया।इस बात का भी इंतजार नहीं किया कि उनका इस्तीफा स्वीकार हुआ या नहीं। कइयों ने तो सोशल मीडिया पर ही इस्तीफा देने की बात लिखकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली।ऐसे में अब कई नेताओं पर कारवाई करने की बात भी सामने आने लगी है।इसी क्रम में झारखंड में जेपी पटेल जो बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए और सीता सोरेन जो जेएमएम छोड़कर बीजेपी में आई हैं, के खिलाफ दल-बदल का मामला चलने की बात सामने आ रही है।

झारखंड विधान सभा में बीजेपी के सचेतक रहे जेपी पटेल हजारीबाग से होंगे कांग्रेस उम्मीदवार

बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए जेपी पटेल झारखंड विधान सभा में बी जे पी के सचेतक थे। हालांकि अब बीजेपी ने उन्हें इस पद से हटा दिया है।गौरतलब है की जेपी पटेल बीजेपी में आने से पूर्व जेएमएम के विधायक थे।2019 ईस्वी में उन्होंने जेएमएम छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ली थी और विधायक चुने गए थे।इसके बाद बीजेपी ने उन्हें विधान सभा में अपना सचेतक नियुक्त किया था।वर्ष 2024 में एक बार फिर से पलटी मारते हुए जेपी पटेल बीजेपी छोड़कर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए।कांग्रेस पार्टी ने उन्हें लोकसभा चुनाव में हजारीबाग से अपना उम्मीदवार बनाया है।

अमर बाउरी ने विधानसभा अध्यक्ष से किया है जेपी पटेल पर दलबदल की कार्रवाई की मांग

झारखंड विधान सभा में बीजेपी विधायक दल के नेता अमर बाउरी ने जेपी पटेल के पार्टी छोड़ कांग्रेस में शामिल होने पर विधानसभा में दसवीं अनुसूची के तहत दल-बदल का मामला चलाने का आग्रह किया है।विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी के आग्रह को स्वीकार कर लिया है।

जेपी पटेल ने नहीं दिया है इस्तीफा

अमर बाउरी ने कहा कि जेपी पटेल अभी भी झारखंड विधान सभा में बीजेपी के ही विधायक हैं।चर्चा है कि उन्होंने अबतक झारखंड विधानसभा में बीजेपी के विधायक पद से इस्तीफा भी नहीं दिया है और कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर हजारीबाग से कांग्रेस के प्रत्याशी बन गए हैं।अमर बाउरी ने इसी आरोप के आधार पर झारखंड विधान सभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो से जेपी पटेल को सदस्यता से अयोग्य किये जाने की मांग की है।

विधानसभा ने सीता सोरेन से भी मांगा है इस्तीफा की हार्ड कॉपी

झारखंड के प्रतिष्ठित शिबू सोरेन परिवार की बहु और स्वo दुर्गा सोरेन की पत्नी अपने पति की असामयिक मृत्यु के बाद 2009 ईस्वी से ही झारखंड मुक्ति मोर्चा की तरफ से जामा विधानसभा से विधायक रही हैं।पार्टी और परिवार में उपेक्षा का आरोप लगाकर उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 के वक्त झारखंड मुक्ति मोर्चा छोड़ दी और बीजेपी में योगदान कर लिया। बीजेपी ने इन्हें दुमका लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया है।सीता सोरेन ने बीजेपी में योगदान करने से पूर्व विधानसभा में अपना इस्तीफा ऑनलाइन भेजा था।विधानसभा ने अभी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है और उनसे इस्तीफा देने की हार्ड कॉपी की मांग की गई है।

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