झारखंड में नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना नहीं हुई जारी,TAC में होगा इन मामलों पर विचार

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रांची (बीरेंद्र कुमार): झारखंड सरकार द्वारा झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर भेजे गए प्रस्ताव पर राज्यपाल की अनुमति मिल जाने के बावजूद झारखंड में नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं हुई क्योंकि रांची समेत अनुसूचित क्षेत्रों में मेयर या अध्यक्ष पद गैर अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किए जाने का राज्य के आदिवासी संगठन विरोध कर रहे हैं। आदिवासी संगठनों के विरोध को देखते हुए झारखंड के अनुसूचित क्षेत्र ( शेड्यूल एरिया) में नगर निकायों के विभिन्न पदों को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित करने को लेकर अब जनजातीय परामर्श दात्री काउंसिल (टीएसी )मंथन करेगी।

इस बार नगर निकाय चुनाव के लिए राज्य सरकार की तरफ से जो प्रस्ताव राज्यपाल की अनुमति के लिए भेजे गए थे उसमें रांची नगर निगम समेत कई निकायों में अनुसूचित जनजाति के लिए पूर्व में आरक्षित मेयर या अध्यक्ष का पद, अन्य वर्गों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इस मामले को लेकर विभिन आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर विरोध जताते हुए नगर निकाय चुनाव के लिए निर्धारित आरक्षण में बदलाव करने की मांग की है ।

आहूत होगी जनजातीय परामर्शदात्री समिति की बैठक

आदिवासी संगठन के द्वारा कड़ा रुख अपना लेने पर आगे चुनाव में होने वाले पार्टीगत परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इस मामले के समाधान के लिए कल्याण विभाग द्वारा 23 नवंबर को टीएसी की बैठक आहूत कराई है। 23 नवंबर को आहूत टीएसी की बैठक के लिए कुल 11 एजेंडा निर्धारित किए गए हैं। इसमें इसमें सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा द प्रोविजन ऑफ द म्यूनिस्पेलटीज (एक्सटेंशन टू द शेड्यूल एरियाज ) विल 2001 पर स्टैंडिंग कमिटी द्वारा प्रस्तावित संशोधन पर विमर्श है। इस बिल में प्रावधान किया गया है कि अनुसूचित क्षेत्र में स्थित नगर निकायों में अनुसूचित जनजाति की आबादी अधिक होने पर उसके अनुरूप मेयर,अध्यक्ष या वार्ड परिषद का पद अनुसूचित जनजाति के लिए ही आरक्षित होगा। परंतु इसके लिए टीएसी की अनुशंसा अनिवार्य होगी।

इसके अलावा टीएसी की बैठक के अन्य एजेंडों में झारखंड पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों का विस्तार ) नियमावली 2022 के प्रारूप पर विमर्श , जनजातीय गौरव दिवस को टीआरआई के माध्यम से संचालन करने पर विचार, होड़ोपैथी विषयक नीति निर्धारण पर मंथन, जनजाति बहुल क्षेत्रों में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को जनजातीय भाषा के अनिवार्य शिक्षा के रूप में शिक्षा देने के लिए नीति निर्धारण पर विमर्श, वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत राजस्व विभाग की तर्ज पर सामुदायिक पट्टे के अधिकार संबंधी अभिलेख संग्रहण पर नीति निर्धारण के संबंध में लघु वन उत्पाद खरीद बिक्री के नीति निर्धारण व निगम की स्थापना के संबंध में गैर आदिवासी बहुल क्षेत्रों में दूरसंचार की निर्बाध व्यवस्था करने और प्राकृतिक धरोहर को इकोहेल्थ के रूप में संरक्षित करते हुए जनजाति समूह के लोगों को रोजगार से जोड़ने के मुद्दे भी शामिल हैं।

टीएसी की बैठक के लिए सदस्यों को किया गया आमंत्रित

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाले टीएसी की बैठक में हिस्सा लेने के लिए टीएसी के सदस्य सह विधायक स्टीफन मरांडी, नीलकंठ सिंह मुंडा, बाबूलाल मरांडी ,सीता सोरेन, दीपक बिरुआ, चमरा लिंडा,कोच्चि मुंडा, भूषण तिर्की, सुखराम उरांव, दशरथ गगराई, विकास मुंडा नमन बिक्सल कोंगाड़ी, राजेश कच्छप , सोनाराम शिंकू और शिल्पी नेहा तिर्की समेत मनोनीत सदस्य विश्वनाथ सिंह सरदार और जमाल मुंडा को आमंत्रित किया गया है।

झारखंड में नगर निकाय चुनाव से जुड़े इस मुद्दे को टीएसी के एजेंडे में शामिल किए जाने के बाद अब झारखंड नगर निकाय चुनाव का पेंच फंसता हुआ दिखाई पड़ रहा है।और यह पेंच अगर दिसंबर तक फंसा रहा तो फिर 1 जनवरी को नई मतदाता सूची का प्रकाधन हो जाने के बाद सरकार को फिर से इस नई मतदाता सूची के अनुरूप चुनाव की सारी तैयारियां करनी होगी।

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