बीरेंद्र कुमार झा
वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर स्थित सील वजुखाने को छोड़कर शेष अन्य स्थानों का वैज्ञानिक सर्वे सोमवार से शुरू हो गया है। सर्वे को लेकर शुरुआती प्रक्रिया पूरी की जा रही है।इसके लिए एएसआई टीम परिसर में दाखिल हो चुकी है। एएसआई की टीम सर्वे के लिए आधुनिक मशीनों के संग वहां पहुंची है।सर्वे की टीम ने काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर 4 से ज्ञानवापी परिसर में प्रवेश किया। हिंदू पक्ष के लोग परिसर में मौजूद हैं,वहीं दूसरे पक्ष से अभी कोई वहां नहीं पहुंचा है।
पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन के कैंप कार्यालय पर जिलाधिकारी यशराज लिंगम और अधिवक्ताओं की बैठक के बाद रविवार देर रात इस पर मुहर लगी। सर्वे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शासन ने शहर में हाई अलर्ट जारी किया है।सोमवार को सुबह से परिसर के बाहर हलचल तेज है।
21 जुलाई को जिला जज अदालत ने फैसले में एएसआई सर्वे की दी थी अनुमति
ज्ञानवापी मामले में वाराणसी कोर्ट ने एएसआई के सर्वे की इजाजत दे दी है। इस मामले में विगत 14 जुलाई को सुनवाई पूरी होने के साथ जिला जज कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। इसके बाद 21 जुलाई को कोर्ट ने 7 पन्नों का अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने 4 अगस्त तक एएसआई को रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। इस सर्वे में एएसआई की टीम 11 बिंदुओं पर पूरे परिसर का सर्वे करेगी, सिर्फ वजू खाने का क्षेत्र इसमें शामिल नहीं होगा क्योंकि इसे कोर्ट के आदेश के बाद सील किया गया है।
कोर्ट के आदेश की सौंपी जाएगी प्रति
इस बीच ज्ञानवापी परिसर स्थित सील वजुखाने को छोड़कर शेष स्थानों के सर्वे से संबंधित जिला जज की अदालत के आदेश की प्रति सोमवार को हिंदू पक्ष की तरफ से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI ) को सौंपी जाएगी। साथ ही मुकदमे के अन्य प्रतिवादी उत्तर प्रदेश सरकार, काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट, पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी को भी अदालत के आदेश की प्रति उपलब्ध कराई जाएगी।
वादी प्रतिवादी और अधिवक्ता सर्वे के दौरान रहेंगे मौजूद
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि जिलाधिकारी और एएसआई की टीम के साथ बैठक में सर्वे की रूपरेखा तय की गई है। सर्वे के दौरान ज्ञानवापी में एएसआई की टीम के अलावा वादी प्रतिवादी और उनके अधिवक्ता भी वहां मौजूद रहेंगे ।सर्वे का काम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो,इसके लिए वे पुलिस और प्रशासन का हर तरह से सहयोग करेंगे।
उन्होंने कहा कि पिछले साल अधिवक्ता आयुक्त के सर्वे के दौरान और फोटो खींचने और वीडियो बनाने को लेकर अनावश्यक विवाद हुआ था । इसलिए इस बार जिलाधिकारी से मांग की गई है कि सर्वे के दौरान सरकारी फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर लगाएं। इससे किसी भी तरह से विवाद की नौबत नहीं आएगी।
एएसआई से सर्वे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल
इस बीच ज्ञानवापी के सील वजुखाने को छोड़कर पूरे परिसर के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से सर्वे संबंधी जिला जज की अदालत के आदेश के खिलाफ अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की है। मस्जिद कमेटी का कहना है कि जिला जज ने इस सर्वे का आदेश देकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना की है।याचिका पर सोमवार को सुनवाई हो सकती है। कमेटी को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस सर्वे पर रोक लगा देगा।
अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी के संयुक्त सचिव सैयद मोहम्मद यासीन ने कहा कि बीते 12 मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद के वजू खाने में स्थित फव्वारे की कार्बन डेटिंग और वैज्ञानिक संरक्षण का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। अब उसके अगल-बगल के क्षेत्र का एएसआई . से सर्वे का आदेश जिला अदालत ने दिया है। सुप्रीम कोर्ट इसपर भी रोक लगा देगी।

