केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा राज्यपाल ही कर सकते हैं कुलपतियों की नियुक्ति

0
132

बीरेंद्र कुमार झा

पश्चिम बंगाल के विश्वविद्यालय के कुलपतियों की नियुक्ति पर बढ़ते विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बृहस्पतिवार को राज्यपाल सीवी आनंद बोस के समर्थन में आते हुए कहा कि उनके पास राज्य के कुलपतियों की नियुक्ति का अधिकार है, और सिर्फ वही कुलपतियों की नियुक्ति कर सकते हैं। श्री प्रधान ने कहा कि राज्य सरकार को अपनी भूमिका पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में रैगिंग जैसी घटनाएं दोबारा घटित ना हो।

अन्य राज्यों में राज्यपाल ही विश्वविद्यालय की कुलपति की करते हैं नियुक्ति

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पश्चिम बंगाल में राज्यपाल अपने अधिकार का इस्तेमाल कर कुलपतियों की नियुक्ति कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में राज्यपाल राज्य के विश्वविद्यालय के कुलपतियों की नियुक्ति करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सलाह देते हुए कहा कि राज्यपाल पर निशाना साधने की बजाय राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार को सरकार को शिक्षण संस्थानों के परिषर को सुरक्षित बनाने और यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए ताकि यादवपुर विश्वविद्यालय में हुई छात्र की मौत जैसी घटना दोबारा ना होने पाए।केंद्रीय मंत्री यहां भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक बैठक से इतर संवाददाताओं से बात कर रहे थे।धर्मेंद्र प्रधान की यह टिप्पणी 8 राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यवाहक कुलपतियों की नियुक्ति और आठ अन्य के नाम सामने आने के फैसले को लेकर राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच टकराव के मद्दे नजर आई है।

राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच टकराव जारी

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल पर तीखा हमला करते हुए उन पर मानदंडों का उल्लंघन करने और विश्वविद्यालय पर आर्थिक नाकेबंदी लगाने की धमकी देने का आरोप लगाया था। ममता बनर्जी के अलावा राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के करीबी पूर्व कुलपतियों ने राज्यपाल पर नियमों का उल्लंघन करने और नियुक्तियों को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग को दरकिनार करते हुए एक तरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here