देश का लोकतंत्र नहीं, खतरे में है वंशवाद, कौशांबी में गरजे अमित शाह,राहुल गांधी और एसपी पर साधा निशाना

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बीरेंद्र कुमार झा

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि राहुल गांधी की अयोग्यता पर संसद की कार्यवाही को बाधित करने के लिए देश विपक्षी दलों को माफ नहीं करेगा। भारत का लोकतंत्र खतरे में नहीं है, जातिवाद और वंशवाद की राजनीति खतरे में है। अमित शाह शुक्रवार को कौशांबी महोत्सव का उद्घाटन करने के बाद एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लोगों से समाज के सभी वर्गों के सर्वांगीण कल्याण के लिए 2024 एक बार फिर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में चुनने का आह्वान किया।

यूपीए सरकार के कानून से गई राहुल गांधी की सदस्यता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया कि कांग्रेस नीत यूपीए सरकार द्वारा लाए गए कानून के आधार पर राहुल गांधी की लोकसभा से अयोग्य ठहराए जाने को लेकर संसद की कार्यवाही बाधित करने के लिए लोग विपक्षी दलों को माफ नहीं करेंगे। राहुल गांधी के योग्यता पर संसद की कार्यवाही को बाधित करने के लिए विपक्षी दलों को माफ नहीं करेगा।खतरे में लोकतंत्र नहीं है, खतरे में जातिवाद और वंशवाद की राजनीति  है।

एसपी बीएसपी कांग्रेस परिवारवाद और जातिवाद को लेकर आएंगे

आजमगढ़ में संगीत महाविद्यालय के शिलान्यास एवं विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन कार्यक्रम में अमित शाह ने का उत्तर प्रदेश विकास के रास्ते पर चल पड़ा है। यह एसपी बीएसपी और कांग्रेस क्या देश और उत्तर प्रदेश का विकास कर सकते हैं? 2024 में फिर से एसपी बीएसपी कांग्रेस परिवारवाद और जातिवाद को लेकर आएंगे और हम लोगों को गुमराह करेंगे। हरिहरपुर घराने के नाम में ही हरि और हर दोनों हैं यह हमेशा संपूर्ण होता है। गायन वादन और नृत्य लोक विधाओं का आजमगढ़ कभी एक प्रमुख केंद्र हुआ करता था।

2017 के पहली आजमगढ़ को था पहचान का संकट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशांबी महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्री राम जी के बारे में मान्यता है कि उन्होंने एक रात्रि जनपद कौशांबी में भी व्यतीत की थी। जनपद कौशांबी के पौराणिक महत्व को वैश्विक मंच पर कौशांबी महोत्सव के रूप में प्रस्तुत करने के लिए केंद्रीय मंत्री का मार्गदर्शन हम सबको प्राप्त हो रहा है ।आजमगढ़ में 2017 के पहले पहचान का संकट था।आजमगढ़ का नौजवान देश में कहीं चले जाए तो कोई किराए पर कमरा देने की बात तो दूर नाम से ही परहेज करते थे।

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