बीजेपी को बहुमत नहीं,ऐसे में एनडीए में कौन बनेगा प्रधानमंत्री

0
81

18वीं लोकसभा चुनाव के चुनाव परिणाम मंगलवार को आने शुरू हुए। देर शाम 7 बजे तक चुनाव आयोग के रिपोर्ट के अनुसार भारतीय जनता पार्टी 242 सीट और एनडीए 296 सीट 93 सीट जीतने या बढ़त बनाने में में सफल रही है।वहीं दूसरी तरफ इंडिया गठबंधन के पक्ष में 232 सीटे और इंडिपेंडेंस के पक्ष में 18 सीटें गई है। इस चुनाव परिणामों को देखें तो यह बात तय है की चुनाव परिणाम में मतदाताओं ने एनडीए को सरकार बनाने के पक्ष में मतदान किया है।प्रत्यक्ष तौर पर देखें तो एनडीए की सरकार बनाने के मार्ग में कोई रोड़ा नजर नहीं आता है,क्योंकि एक तो एनडीए को बहुमत का जादुई आंकड़ा 272 से 24 सीटें ज्यादा प्राप्त हुई है और दूसरे एनडीए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 18वीं लोकसभा का चुनाव लड़ा था।

पीएम मोदी के प्रधानमंत्री बनने का मार्ग की बाधाएं

भले ही प्रत्यक्ष तौर पर एनडीए और नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के रास्ते में कोई रोड़ा नहीं दिखता ,लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से इसमें कई रोड़े मौजूद हैं।आंकड़ों पर नजर डालें तो बीजेपी के पास फिलहाल 242 सीटें हैं । यानि पीएम मोदी को सरकार बनाकर बने रहने के लिए एनडीए के साथियों से 30 सीटों की जरूरत है।इस अतिरिक्त सीटों के लिए टीडीपी के 16 और जेडीयू के 12 कुल 28 सीटों का बड़ा योगदान है।18 वीं लोकसभा चुनाव से कुछ माह पूर्व ही भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए में चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेलगु देशम और नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राजनीतिक दलों का आगमन हुआ। बीजेपी के प्रति चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार दोनों की प्रतिबद्धता संदिग्ध है।चंद्रबाबू नायडू तो सिर्फ एक बार बीजेपी से अलग हुए थे,लेकिन नीतीश कुमार के लिए तो बीजेपी में आना और इससे निकलकर बीजेपी के विरोधी दलों के साथ जाना जैसे एक रोजमर्रा की बात है।

शरद पवार मिल सकते हैं नायडू और नीतीश कुमार से

एनडीए से इतर इंडिया एलायंस भी सरकार बनाने का ख्वाब देख रही है।इस सिलसिला में शरद पवार चंद्र बाबू नायडू और नीतीश कुमार से मिलकर बात करना चाहते हैं।हालांकि शरद पवार फिलहाल नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू से मिलने में सफल नहीं हुए हैं।

पीएम के रूप में जेडीयू की पसंद नीतीश कुमार

4 मई को 18वीं लोकसभा के लिए चुनाव परिणाम आने के बाद एनडीए में प्रधानमंत्री के पद को लेकर नरेंद्र मोदी के अलावा एक और नाम चर्चा में आया है । यह नाम बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का है ,जो कई बार बीजेपी के साथ एनडीए में आए और यहां से निकालकर विपक्ष की खेमे में गए। हालांकि नीतीश कुमार की तरफ से ऐसी कोई बातें नहीं कही गई है , लेकिन जेडीयू नेता खालीद के अनुसार नीतीश कुमार में सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री बनने की गुण है। यानी इस प्रकार से नीतीश कुमार की एनडीए में प्रधानमंत्री के रूप में ब्रांडिंग की जा रही है। हालांकि 18वीं लोकसभा चुनाव में एनडीए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा था ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here