Iran-Israel Conflict: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल टकराव के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान वैश्विक राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और आने वाले कुछ सप्ताह में बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
एक ऑनलाइन राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि हालात तेजी से बदल रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि निकट भविष्य में एक बड़ी उपलब्धि सामने आएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसका असर दिख सकता है और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है।
ईरान के साथ समझौते को लेकर जताया भरोसा
ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि वार्ता प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और उन्हें उम्मीद है कि दोनों पक्ष किसी निष्कर्ष तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि बातचीत के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रगति हुई है और समझौते की संभावनाएं पहले की तुलना में अधिक मजबूत दिखाई दे रही हैं।
उनका कहना था कि अमेरिका अपने रणनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने के बेहद करीब है और आने वाले समय में इस दिशा में बड़ा फैसला सामने आ सकता है।
‘अंतहीन युद्ध’ की आशंका को किया खारिज
मध्य पूर्व में लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष की आशंकाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि मौजूदा हालात की तुलना अतीत के लंबे युद्धों से नहीं की जानी चाहिए। उनके अनुसार वर्तमान स्थिति अलग है और इसका समाधान अनिश्चितकाल तक खिंचने वाला नहीं है।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देना रहा है और किसी भी विवाद को बातचीत के जरिए खत्म करना बेहतर विकल्प माना जाना चाहिए।
कूटनीति असफल हुई तो सैन्य विकल्प भी खुला
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बातचीत अपेक्षित परिणाम नहीं देती है या समझौता तय समय में नहीं हो पाता, तो अमेरिका अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकता है। हालांकि उन्होंने दोहराया कि फिलहाल उनका विश्वास कूटनीतिक प्रक्रिया पर ही है।
उनके बयान से यह संकेत मिला कि अमेरिका ईरान से जुड़े मुद्दों पर दबाव और बातचीत दोनों रणनीतियों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।

